बीजेपी के लिए अच्छी खबर, विधायक का खुलासा

बीजेपी के लिए अच्छी खबर, विधायक का खुलासा

भोपाल। विधानसभा सत्र के दौरान मत विभाजन में कांग्रेस का साथ देने वाले बीजेपी के विधायक ने एक बार फिर पाला बदल लिया है। दरअसल ब्यौहारी से भाजपा विधायक शरद कोल की निष्ठा लंबे समय से संदिग्ध रही हैं। भाजपा के टिकट से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान पाला बदल लिया था और कमलनाथ के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठकर कांग्रेस के साथ होने का दावा किया था । उसके बाद एक बार फिर शरद कोल प्रकट हुए और उन्होंने बीजेपी में आस्था जताई लेकिन जब मध्यप्रदेश में ताजा सियासी संकट छाया तब एक बार फिर उन्होंने कमलनाथ की जमकर तारीफ की और उनके प्रति विश्वास प्रकट करते हुए एक बार फिर कांग्रेस की ओर झुकने के संकेत दिए । उनके इस वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी में इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि कहीं शरद कोल एक बार फिर कांग्रेस ज्वाइन न कर लें और 107 सीटों वाली बीजेपी शरद पोल और नारायण त्रिपाठी के कांग्रेस में जाने से 105 के अंक पर ना आ जाए ।

लेकिन ताजा घटनाक्रम में शरद कोल ने एक वीडियो और जारी किया है और उस वीडियो को 12 मार्च 2020 का बताते हुए उन्होंने कहा है कि उनकी निष्ठा पूरी तरह से बीजेपी के साथ हैं, बीजेपी के टिकट पर ही वह चुनाव लड़े थे और भविष्य में भी बीजेपी में ही रहेंगे। शरद कोल ने वीडियो में यह भी कहा है कि उनके बारे में जो भी कुछ चल रहा है वह महज अफवाह है यानी अब साफ तौर पर शरद कोल बीजेपी के खेमे में जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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