शॉपिंग मॉल खुलेंगे, गेम जोन और सिनेमा हॉल रहेंगे बंद, यह है गाइडलाइन

शॉपिंग मॉल खुलेंगे, गेम जोन और सिनेमा हॉल रहेंगे बंद, यह है गाइडलाइन

भोपाल| कोरोना वायरस (Corona Virus) लॉकडाउन (Lockdown) के चलते लगभग ढाई महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार से शॉपिंग मॉल्स (Shoping Malls) खुलने जा रहे हैं| हालांकि कोरोना काल में मॉल्स को खोलने से पहले हर तरह का एहतियातन कदम उठाये जा रहे हैं| केवल कंटेनमेंट के बाहर स्थापित शॉपिंग मॉल ही खुलेंगे| वहीं मॉल में गेम जोन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र तथा सिनेमा हॉल को खोलने की अनुमति नहीं है| इसको लेकर सरकार ने गाइडलाइन जारी की है|

आयुक्त, स्वास्थ्य फैज अहमद किदवई ने शॉपिंग मॉल में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं फैलाव की रोकथाम के मद्देनजर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि केवल कंटेनमेंट के बाहर स्थापित शॉपिंग मॉल को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। मॉल में गेम जोन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र तथा सिनेमा हॉल को खोलने की अनुमति नहीं प्रदान की गई है। शॉपिंग मॉल प्रबंधक को सेनेटाइजर डिस्पेंचर एवं थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी। मॉल में मॉस्क पहनकर केवल लक्षणरहित ग्राहकों एवं कर्मचारियों को आने की अनुमति दी जानी चाहिये। सोशल डिस्टेंसिंग के लिये निशान लगाने होंगे। होम डिलेवरी वाले स्टॉफ को भी हेल्थ चेकअप के बाद ही होम डिलेवरी करने की अनुमति दी जाये। एलीवेटर तथा बैठक व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाये। बार-बार छूने वाली सतहों जैसे हैण्डल, हैण्ड रेल, बैंचेज का कीटाणु शोधन करना चाहिये। संक्रमण से बचने के लिये मॉल के कर्मचारी और वहाँ आने वाले ग्राहकों को 6 फीट की सोशल दूरी और मॉस्क का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। हैण्ड-वाशिंग, सेनेटाइजेशन, खाँसते और छींकते समय प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना होगा। थूकना सर्वथा वर्जित है और ऐसा करने पर जुर्माना लगाया जाये।

हैण्ड सेनेटाइजर और मॉस्क अनिवार्य
मॉल के अंदर संचालित दुकान में ग्राहक के लिये हैण्ड सेनेटाइजर और मॉस्क की व्यवस्था की जाना अनिवार्य है। दुकान के क्षेत्रफल के आधार पर ही दुकान में प्रवेश की अनुमति दी जाये। मॉल और दुकान के अंतर्गत किसी भी स्थान पर लाइन लगने की स्थिति में 6 फीट की दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। एयरकण्डीशनर का तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस एवं आद्रता 40 से 70 प्रतिशत रखी जाये। फूड कोर्ट में भी 50 प्रतिशत सीटिंग केपिसिटी की अनुमति ही दी जायेगी। फूड कोर्ट कर्मचारियों, वेटर, किचिन में काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा मॉस्क एवं ग्लब्स का उपयोग अनिवार्य रहेगा। किसी सस्पेक्ट या पॉजिटिव व्यक्ति के मॉल में आने पर उसे तुरंत आइसोलेट किया जाये तथा कंट्रोल-रूम को सूचित किया जाये। कोविड पॉजिटिव व्यक्ति के मॉल में आने पर उस क्षेत्र का डिसइन्फेक्शन किया जाना चाहिये। समस्त कर्मचारियों को आरोग्य सेतु एप के उपयोग की सलाह दी जाये।

बुजुर्ग और बच्चों को घर पर रहने की सलाह
जारी निर्देशों में पेयजल स्थल एवं शौचालय के नियमित कीटाणु शोधन, भुगतान के लिये ई-वॉलेट की व्यवस्था करनी होगी। 65 वर्ष से अधिक आयु, कोमारबिडिटी वाले व्यक्तियों तथा गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी जाये।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews