प्रदेश सरकार की ‘सार्थक’ पहल, मोबाइल एप से होगी कोरोना की मॉनिटरिंग

प्रदेश सरकार की ‘सार्थक’ पहल, मोबाइल एप से होगी कोरोना की मॉनिटरिंग

भोपाल। सारी दुनिया सिमटकर कोरोना वायरस के चंगुल में फंस गई है जैसे, अब सबका ध्यान सिर्फ और सिर्फ कोरोना पर है। ऐसे में उसे लेकर पल पल की खबर, नई जानकारी और आंकड़ों की सूचना के लिये अब मध्यप्रदेश सरकार ने एक ‘सार्थक’ पहल की है। दरअसल अब सरकार ने प्रदेश में कोरोना संक्रमित संभावित मरीज़ों पर नज़र रखने के लिये ‘सार्थक‘ मोबाइल एप लॉन्च किया हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य आयुक्त प्रतीक हजेला ने सभी जिला कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिये हैं ताकि एप के द्वारा मरीज़ों की मॉनिटरिंग की जा सके।

इसे लेकर स्वास्थ्य आयुक्त ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि कोरोना पॉजिटिव, क्वारेंटाइन लोगों और संभावित मरीजों को इस एप पर रजिस्टर कर हर रोज उनकी मॉनिटरिंग की जाए, साथ ही घरों पर क्वारंटाइन किये गए व्यक्तियों की यूज़र आईडी क्रियेट कर उनका रजिस्ट्रेशन भी किया जाए। इसके बाद सार्थर एप के ज़रिये ही उस व्यक्ति की जियो मैपिंग की जा सकेगी और उसकी गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। इस एप के माध्यम से कोरोना की हैल्थ रिपोर्टिंग भी संभव होगी। लॉकडाउन से समय इस तरह का ऑनलाइन एप निश्चित ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिये सहायक साबित होगा और इससे बिना किसी के घर जाए या बाहर निकले उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी, साथ ही अन्य सूचनाएं भी साझा की जा सकती हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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