सूर्य उपासना कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव ने की ब्रह्म ध्वज की स्थापना, नव संवत्सर पर्व पर सभी के लिए की मंगलकामना

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यदि दो हजार साल बाद भी सम्राट विक्रमादित्य को हम याद कर रहे हैं, तो इसके पीछे यह भाव है कि भारत सरकार और राज्य सरकारें, वीर विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को अंगीकृत करना चाहती हैं।
Surya Upasana Program CM Dr Mohan Yadav

Surya Upasana Program CM Dr Mohan Yadav

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत आज गुरुवार को रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित ‘कोटि सूर्योपासना’ एवं ‘सम्राट विक्रमादित्य केंद्रित नाट्य मंचन’ कार्यक्रम में शामिल हुए, उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा मध्यप्रदेश सरकार गौरवशाली अतीत को जीवंत रखने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सम्राट विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर के निर्माण एवं वैदिक घड़ी की स्थापना जैसे प्रयासों के माध्यम से इतिहास की स्मृतियों को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारी सरकार सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों को आत्मसात कर चल रही है।

मुख्यमंत्री ने की ब्रम्ह ध्वज की स्थापना 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना की, उन्होंने कहा यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। सीएम ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी शासन व्यवस्था से राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने की शुरुआत की। उनका नेतृत्व और राज-काज शैली ऐसी थी, जिसमें बाद के शासकों को जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी नाट्य कलाकारों का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने से नव संवत्सर की बधाई 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि मैं बाबा महाकाल से आपके खुशहाल जीवन की कामना करता हूँ, क्योंकि जब प्रदेश की जनता खुशहाल रहेगी तभी प्रदेश तरक्की करेगा और समृद्ध बनेगा ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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