
Madhya Pradesh drug-free abhiyan
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना प्रदेश की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इसी कड़ी में वह 28 जून शनिवार को उज्जैन जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, पुलिस उपमहानिरीक्षकों (डीआईजी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की महत्वपूर्ण बैठक लेंगे। इसके बाद 29 जून रविवार को इंदौर जोन के पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है।
उज्जैन जोन की बैठक कल
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया 28 जून को उज्जैन पहुंच कर, उज्जैन जोन के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, डीआईजी और एसपी के साथ गहन समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में अधिकारियों के पिछले कार्यों का विस्तृत रिव्यू किया जाएगा और उन्हें आगामी कार्ययोजना के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। डीजीपी मकवाना का जोर सीधे संवाद और स्पष्ट निर्देशों पर रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर पुलिसिंग में अपेक्षित गति लाई जा सके।
रविवार को इंदौर जोन की बैठक
उज्जैन के बाद रविवार 29 जून को डीजीपी मकवाना इंदौर का रुख करेंगे। यहां वे इंदौर पुलिस आयुक्त, जोनल आईजी इंदौर ग्रामीण और इंदौर जोन के समस्त डीआईजी व एसपी के साथ बैठक करेंगे। इंदौर, प्रदेश के सबसे बड़े शहरों में से एक होने के कारण, यहां की कानून-व्यवस्था की समीक्षा विशेष महत्व रखती है। इस बैठक में भी विभिन्न अपराधों की रोकथाम, लंबित मामलों के निराकरण और पुलिस बल की दक्षता बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
निरंतर जारी है समीक्षा का दौर
डीजीपी कैलाश मकवाना का यह प्रदेशव्यापी समीक्षा अभियान लगातार जारी है। इससे पहले उनके द्वारा जबलपुर जोन, बालाघाट जोन, पुलिस आयुक्त भोपाल और भोपाल ग्रामीण जोन की रिव्यू बैठकें सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी हैं। इन बैठकों के माध्यम से डीजीपी स्वयं विभिन्न जिलों और जोन के पुलिसिंग पैटर्न, चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझ रहे हैं।
सीधे निर्देशों से आ रही कार्य में गति
डीजीपी कैलाश मकवाना ने इस बात पर जोर दिया है कि उनके सीधे निर्देश देने से पुलिस के कामकाज में अपेक्षित गति आ रही है। उनका मानना है कि मैदानी स्तर पर अधिकारियों के साथ सीधा संवाद और समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस तंत्र को अधिक क्रियाशील बना रहा है। उनका यह दौरा प्रदेश भर में पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
