Teachers Day 2025: शिक्षक दिवस पर सीएम डॉ मोहन यादव ने दिया क्रमोन्नति वेतनमान का तोहफा, श्रेष्ठ शिक्षक सम्मानित, गणवेश राशि का अंतरण

राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर 14 शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान दिया, सम्मानित शिक्षकों में प्राथमिक, माध्यमिक श्रेणी के 8 और उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के 6 शिक्षक शामिल हैं।
State Level Teachers Honor Ceremony Bhopal

शिक्षक दिवस (Teachers Day 2025) के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शिक्षकों को क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की, उन्होंने कहा कि1 लाख 50 हजार शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा, मुख्यमंत्री भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।  कार्यक्रम में श्रेष्ठ कार्य करने वाले 14 शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया। 

आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार में आज शुक्रवार 5 सितम्बर को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समरोह का आयोजन किया गया। अतिथियों ने श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया साथ ही कक्षा एक से कक्षा 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया। कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, राज्यमंत्री कृष्णा गौर सहित विधायक और विभागीय अधिकारी शामिल थे। 

श्रीराम और श्रीकृष्ण के उदाहरण से समझाई गुरु शिष्य परंपरा 

मुख्यमंत्री ने गुरु शिष्य परंपरा, गुरु शिष्य के बीच भरोसे का उदाहरण देते हुए  प्रभु श्री राम और विश्वामित्र की बातों का उल्लेख किया, सीएम डॉ मोहन यादव ने प्रभु श्री कृष्ण और उनके गुरु सांदीपनी की बातों का भी उल्लेख किया, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में मशीने तो बहुत अच्छी बनाई जा सकती हैं लेकिन संस्कार गुरु ही देते हैं। 

शिक्षको को सीएम ने दिया तोहफा 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षकों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक , नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जायेगा, उन्होंने कहा कि इससे 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभांवित होंगे और सरकार पर 117 का भार आयेगा लेकिन हमें ये देते हुए आनंद हो रहा है। 

संस्कार केवल गुरु हो दे सकते हैं 

हमारी संस्कृति ‘जियो और जीने दो’ की भावना 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews