
Kamal Nath
Landslide blocks Badrinath national highway : बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जोगीधारा के पास पिछले चालीस घंटे से बंद है। लगातार बारिश और भूस्खलन के बाद उत्तराखंड में कई स्थानों पर यही स्थिति बनी हुई है और इस कारण हज़ारों तीर्थयात्री वहाँ फँसे हुए हैं। रास्ता बंद होने ये यात्री बेहद परेशान हैं और उनका कहना है कि कई जगह होटल वाले भी उनके डबल पैसे वसूल रहे हैं। इसे लेकर अब कमलनाथ ने केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और उनके लिए शेल्टर की मांग की है।
उत्तराखंड में हज़ारों यात्री फँसे
कमलनाथ ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से एक्स पर लिखा है कि ‘देवभूमि उत्तराखंड में बार बार हो रहे भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ तीर्थयात्रा मार्ग पर हज़ारों की संख्या में तीर्थयात्रियों के फँसे होने के समाचार से चिंतित हूँ। जिन स्थानों पर होटल या होमस्टे की सुविधा है, वहां लोगों ने मुनाफ़ा कमाने की नीयत से किराया दोगुना या उससे अधिक कर दिया है। बहुत से यात्रियों को सड़क पर ही रात बितानी पड़ रही है।’
कमलनाथ ने सरकार से की मांग
उन्होंने कहा कि ‘मैं उत्तराखंड और केन्द्र सरकार से माँग करता हूँ कि सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तत्काल अस्थाई टेंट/शेल्टर की सुविधा प्रदान करें और सभी को भोजन एवं ज़रूरत की दवाएँ उपलब्ध कराकर आपदा की इस घड़ी में नागरिकों का सहारा बनें। तीर्थयात्रियों से मुनाफ़ा वसूली सरकार की लापरवाही का नतीजा है। कष्ट की घड़ी मे बेबस सैलानियों को सहारा देने की बजाय उनसे मुनाफ़ा कमाना अमानवीय कृत्य है। मैं स्थानीय रहवासियों से भी अपील करता हूँ कि लोगों की मदद के लिये आगे आयें और तीर्थयात्रियों के पुण्य के सहभागी बनें। यह पैसा नहीं, पुण्य कमाने का क्षण है।’
देवभूमि उत्तराखंड में बार बार हो रहे भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ तीर्थयात्रा मार्ग पर हज़ारों की संख्या में तीर्थयात्रियों के फँसे होने के समाचार से चिंतित हूँ।
जिन स्थानों पर होटल या होमस्टे की सुविधा है, वहां लोगों ने मुनाफ़ा कमाने की नीयत से किराया दोगुना या उससे अधिक कर दिया… pic.twitter.com/p1EhNgPMcK
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) July 12, 2024
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

