मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार सम्पन्न

मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास वित्तीय प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ अधिकारियों की क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पुलिस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
GRP shows sensitivity

BHOPAL GRP shows sensitivity

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं दक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए उप पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार का उद्देश्य अधिकारियों को वित्तीय नियमों, लेखा प्रक्रियाओं, कल्याणकारी योजनाओं एवं आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों की अद्यतन जानकारी प्रदान कर उनके प्रशासनिक एवं वित्तीय दायित्वों के प्रभावी एवं दक्ष निर्वहन के लिए सक्षम बनाना था।

पुलिस विभाग की वित्तीय प्रक्रियाओं को सुचारु बनाने का प्रयास 

सेमीनार का समापन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण) सोलोमन यश कुमार मिंज की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व किसी भी शासकीय संस्था की कार्यकुशलता के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी उपयोग करते हुए वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक सुचारु, नियमसम्मत एवं पारदर्शी बनाने का आह्वान किया। सेमीनार के उद्घाटन सत्र में उप पुलिस महानिरीक्षक (लेखा एवं कल्याण), पुलिस मुख्यालय, भोपाल अवधेश गोस्वामी ने प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन में अद्यतन नियमों की जानकारी रखने तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की आवश्यकता पर बल दिया।

पुलिस विभाग की योजनाओं की भी जानकारी 

दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व, मध्यप्रदेश भण्डार क्रय एवं उपार्जन नियम-2015 (यथासंशोधित-2022), वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, पुलिस विभाग की कल्याणकारी गतिविधियां, आईएफएमआईएस (IFMIS) प्रणाली, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन नियम, दंडों का प्रभावी क्रियान्वयन, देय स्वत्व, टी.ए./डी.ए., अवकाश नियम, जीपीएफ संबंधी कार्यवाहियों में बरती जाने वाली सावधानियां तथा मध्यप्रदेश वित्तीय शक्ति अधिकार पुस्तिका-2025 एवं बजट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस मुख्यालय, वित्त विभाग तथा आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय के विशेषज्ञ अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

पुलिस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन और अधिक प्रभावी

समापन समारोह में पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक कल्‍याण इरमीन शाह, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) रश्मि पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, पीटीएस यास्मीन जहरा सहित अकादमी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास वित्तीय प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ अधिकारियों की क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पुलिस इकाइयों में वित्तीय प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

Sushma Bhardwaj
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