BJP के लिए मुसीबत बने यह दो विधायक

BJP के लिए मुसीबत बने यह दो विधायक

मध्य प्रदेश ( madhya pradesh )बीजेपी (bjp) के नेता चाहे लाख दावे करें लेकिन उन्हीं के विधायक (mla) उनके दावों की पोल खोल रहे हैं। बीजेपी के सारे वरिष्ठ नेता कमलनाथ (kamalnath) सरकार को वेंटिलेटर पर चल रही सरकार और कभी भी गिर सकते वाली सरकार बताते रहते हैं। लेकिन हालात यह है कि बीजेपी के ही दो विधायक पार्टी लाइन क्रॉस कर कांग्रेस की तरफ खड़े दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को एक बार फिर इन दोनों विधायकों ने लक्ष्मण रेखा पार कर दी।

मैहर (maihar) से विधायक नारायण त्रिपाठी (narayan tripathi) और ब्योहारी (byohari) शहडोल (shahdol) से विधायक शरद कोल (sharad kol) बीजेपी पार्टी मुख्यालय नहीं पहुंचे जहां पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) संभाग बार विधायकों के साथ बैठक कर रहे थे। दोनों ही विधायक विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस (congress) के पक्ष में वोटिंग कर चुके हैं । हालाकि उसके बाद भी बीजेपी दावा करती रही है कि दोनों विधायक कहीं नहीं गए, उनके साथ ही हैं। लेकिन सोमवार को ही शरद कोल ने अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाकर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भले ही तकनीकी रूप से वह बीजेपी के साथ हैं लेकिन दिल से वह कांग्रेस के समर्थन में है। शरद कोल ने जमकर कमलनाथ सरकार (kamalnath government) की तारीफ में कसीदे पढ़े। कमलनाथ का आभार जताते हुए कहा कि बिजली बिलों में ग्रामीणों को जो राहत दी है वह अनुकरणीय है ।बीजेपी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर क्यों ओबीसी (obc) और एससी (sc) एसटी (st) वर्ग के लोगों को संगठन में तवज्जो नहीं मिल रही। शरद कोल ने ये भी कहा कि मैं अकेला इस बात का विरोधी नहीं, अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के कई विधायक और सांसद भी मेरे साथ है। बीजेपी को नसीहत देते हुए शरद कोल ने कहा कि आरक्षित वर्ग के बिना सरकार बनाना तो दूर जमानत तक नहीं बचाई जा पाएगी। अब ऐसे में जब बीजेपी पर यह आरोप लग रहे हैं कि वह हार्स ट्रेडिन्ग की कोशिश कर रही है ,उसे खुद के विधायकों को संजो के रखना ही मुश्किल हो रहा है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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