सियासी हलचल के बीच चर्चाओं में उमंग सिंघार का ट्वीट, नरोत्तम ने ली चुटकी

सियासी हलचल के बीच चर्चाओं में उमंग सिंघार का ट्वीट, नरोत्तम ने ली चुटकी

भोपाल।

राजस्थान (Rajasthan) मे सत्ता को लेकर मचे घमासान और एमपी (MP) में लगातार कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद सियासी पारा हाई है, ऐसे में अब संगठन और पार्टी को लेकर सवाल खड़े होने लगे है।इसी कड़ी में हमेशा अपने बयानों से चर्चाओं में रहने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस के युवा विधायक उमंग सिंघार का ट्वीट चर्चा का विषय बन गया है।उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से पार्टी और संगठन को मजबूत करने की बात कही है।इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रिट्वीट कर चुटकी ली है।

दरअसल, सिंघार ने ट्वीट कर लिखा है कि आज का वक्त खुद को नेता बनाने का नहीं, पार्टी और संगठन को मजबूत करने का वक्त है।सिंघार ने ये ट्वीट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग किया है और हैशटेग राजस्थान पॉलिटिक्स लिखा है। भले ही सिंघार ने यह बात राजस्थान के संदर्भ मे कही हो लेकिन इशारा एमपी की तरफ ही समझा जा रहा है।सिंघार पहले भी कई मौको पर अपनी पार्टी को निशाने पर ले चुके है।खास बात ये है कि पूर्व मंत्री का यह ट्वीट कांग्रेस के दो विधायकों के पार्टी से इस्तीफे के बाद आया है, इसलिए उमंग सिंघार के इस ट्वीट को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने यह ट्वीट पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के कार्य प्रणाली को लेकर किया है, क्योंकि मंत्री रहते हुए भी सिंघार-दिग्विजय पर कई आरोप लगाए थे।

वही इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चुटकी ली है। मिश्रा ने रीट्वीट कर लिखा है कि कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे इस युवा नेता की यह पीड़ा कांग्रेस की वर्तमान हालत बताने के लिए काफी है। ये विलुप्त होती पार्टी अपने घर से उठने वाली आवाज़ सुन नहीं रही और अपनी हताशा हमारी पार्टी पर व्यक्त कर रही है।

बता दे कि इन दिनों राजस्थान में भी वही घटनाक्रम दोहराया जा रहा है जो होली के दौरान एमपी में हुआ था। यहां सिंधिया ने बगावत की थी और 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी और बीजेपी ने सरकार बना ली थी।इतना ही विधायकों के एक के बाद एक बीजेपी में शामिल होने का सिलसिला अब तक जारी है। एक हफ्ते में दो विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए है और आगे भी चार-पांच विधायकों के शामिल होने की खबर है। वही राजस्थान में भी सचिन पायलन ने बगावत कर दी है और गहलोत सरकार पर संकट मंडरा रहा है, हालांकि कांग्रेस लगातार पायलट को मनाने की कोशिश कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्टी और संगठन को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। भले ही नेता खुलकर ना बोल रहे हो लेकिन दबी आवाज में कई स्वर फूट रहे है।सिंघार का ट्वीट इसी ओर इशारा कर रहा है।

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