वीर बाल दिवस : शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, सीएम ने कही बड़ी बात, पढ़ें पूरी खबर

वीर बाल दिवस : शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, सीएम ने कही बड़ी बात, पढ़ें पूरी खबर

Veer Bal Diwas : देश आज पहला “वीर बाल दिवस” मना रहा है, मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने इस अवसर पर एक बड़ा फैसला लिया है, मध्य प्रदेश सरकार इसे सप्ताह के रूप में मनाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज इस अवसर पर भोपाल के हमीदिया रोड गुरुद्वारा नानकसर में मत्था टेकने के बाद ये घोषणा की।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सचमुच में आज का दिन असली वीर बाल दिवस है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया और मध्य प्रदेश में हमने भी तय किया कि 21 से लेकर 26 जनवरी तक हर साल “वीर बाल दिवस” मनाया जायेगा  उन्होंने कहा कि सचमुच में सच्चा वीर बाल दिवस आज ही है। बचपन से मैंने एक शहादत की ​कविता पढ़ी थी, छोटे साहबजादों की शहादत। उन्होंने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। कभी भी डर और भय उनके चेहरे पर नहीं आया ।

सीएम शिवराज ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने देश और पंथ की रक्षा के खातिर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके चारों साहिबजादों ने भी देश के लिए अपनी शहादत दी। ऐसी शहादत विश्व के इतिहास में आज तक नहीं दी गई। उसी शहादत को प्रणाम करने के लिए “वीर बाल दिवस” के रूप में पूरा सप्ताह मनाने का फैसला सरकार ने किया है।  साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान हम सबको प्रेरणा देता रहेगा। कैसे इसका स्वरूप हम लोग और बेहतर करें, ताकि हर एक के मन में देश के प्रति, धर्म के प्रति एक प्रेरणा और जग सके, उसके लिए सरकार कदम उठाती रहेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह (Guru Gobind Singh) की जयंती पर 26 दिसंबर के दिन “वीर बाल दिवस” मनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि  गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के शहादत दिवस को “वीर बाल दिवस” के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है। उसी फैसले के तहत आज देश में “वीर बाल दिवस” मनाया जा रहा है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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