भोपाल।
कांग्रेस के स्टार प्रचारक युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय कांग्रेस में हाशिए पर हैं। हालात यह हैं कि उनकी कृपा पर राजनीति की सीढिया चढने वाले उनके मंत्री भी अब सोच समझकर बयान दे रहे हैं ।सिंधिया की प्रदेश अध्यक्ष बनने की मुराद पूरी हुई नहीं, अब उनकी राज्यसभा में जाने की अटकलें भी विराम लेती हुई दिख रही है ।
दरअसल मार्च में मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली होनी है जिनमें संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को दो सीटें मिलना तय है।इन सीटों मैं एक के लिए वर्तमान सांसद दिग्विजय सिंह का नाम लगभग तय है। सिंधिया समर्थक लगातार यह मांग करते रहे हैं कि दूसरी सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा में भेजा जाए। लेकिन पिछले दो दिनों से अचानक प्रियंका गांधी का नाम मध्यप्रदेश से राज्यसभा में भेजे जाने के लिए बयानबाजी शुरू हो गई है।
ये भी पढ़ें
1मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: PM मोदी का CM मोहन यादव को पत्र, गिनाईं MP की उपलब्धियां, विकास कार्यों की सराहना की, मुख्यमंत्री ने जताया आभार
2नई MSME औद्योगिक विकास कंपनी का होगा गठन, निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क, अनुदान देगी सरकार: मुख्यमंत्री मोहन
3MP News: एससी छात्रों के लिए 16 नए छात्रावास स्वीकृत, 68.80 करोड़ की लागत से बनेंगे, निर्माण कार्य 2 वर्ष में होगा पूरा
4मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 4 नवंबर तक बारिश का दौर, आज रीवा-सतना समेत 15 जिलों में अलर्ट, पारे में गिरावट
कमलनाथ के कट्टर समर्थक माने जाने वाले लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बाकायदा ट्वीट करके प्रियंका गांधी को राज्यसभा में भेजे जाने की वकालत की है और कहा है कि उनके राज्यसभा में जाने से कांग्रेस मजबूत होगी। नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी सज्जन सिंह वर्मा के इस बयान का समर्थन किया है। अब यदि प्रियंका मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए जाती है तो फिर यह तय है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर खाली हाथ रह जाएंगे और फिर ऐसे में उनका क्या रुख होगा, यह भी देखने वाली बात होगी।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।