किसकी लापरवाही से हुआ IAS को कोरोना संक्रमण

किसकी लापरवाही से हुआ IAS को कोरोना संक्रमण

भोपाल

मध्यप्रदेश में 2011 बैच के आईएएस अधिकारी विजय कुमार कोरोना संक्रमण पॉजिटिव निकलने के बाद में स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग के संचालक विजय कुमार के पास आयुष्मान भारत योजना के साथ-साथ मध्य प्रदेश हेल्थ कॉरपोरेशन का भी जिम्मा है। हेल्थ कॉरपोरेशन के द्वारा मध्य प्रदेश में होने वाली स्वास्थ्य की समस्त खरीदी की जाती है । विजय कुमार का ऑफिस जयप्रकाश जिला चिकित्सालय के पास में स्थित बिल्डिंग में है जिसमें नीचे आयुष्मान भारत और ऊपर हेल्थ कॉरपोरेशन के लगभग 150 कर्मचारी अधिकारी बैठते है।

कोरोना संक्रमण के बाद इस बिल्डिंग में संक्रमित व्यक्ति की पहचान के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। बाहर से आने जाने वाले व्यक्तियों की बिना जांच के बेरोकटोक अंदर जाते रहे और इस दौरान कई दवा कंपनियों के प्रतिनिधि और ठेकेदार न केवल विजय कुमार से मिले बल्कि घंटों उन्हें अपनी दवाओं का डेमोंसट्रेशन भी दिया। इसके साथ-साथ विजय कुमार इस बिल्डिंग में अपने अधिकारियों कर्मचारियों के साथ भी मीटिंग करते रहते थे लेकिन उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल ख्याल नहीं किया ।

सूत्रों की मानें तो उनके एक अधीनस्थ अधिकारी ने उन्हें कुछ दिन पूर्व मैसेज करके इस बारे में आगाह भी किया था लेकिन विजय कुमार ने उनकी बात नहीं मानी । इस दौरान इंदौर से कई ठेकेदार और दवा प्रतिनिधि भी विजय कुमार से मिले क्योंकि हेल्थ कॉरपोरेशन पर कोरोना के चलते दबाव मास्क सैनिटाइजर आदि की खरीदी का भी था । अब हालात यह है कि बिल्डिंग में काम करने वाले सभी अधिकारी कर्मचारी डरे सहमे हैं और अपने अपने टेस्ट करा रहे हैं। साथ ही उन लोगों की सूची भी तैयार की जा रही है जो इन सब के संपर्क में रहे थे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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