प्रेम जाल में फंसाकर युवक डेढ़ साल से कर रहा था नाबालिग का शोषण

प्रेम जाल में फंसाकर युवक डेढ़ साल से कर रहा था नाबालिग का शोषण

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| राजधानी में आए दिन बलात्कार के मामले बढ़ते जा रहे है| ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला आज सामने आया| शहर के टीलाजमालपुरा इलाके में गैंगरेप का शर्मनाक मामला सामने आया है| आरोपी लड़के ने पहले मां से पहचान बनाई और फिर विश्वास जीत कर बेटी को अपने प्रेमजाल में फंसाया| जिसके बाद उसने 16 साल की लड़की के साथ रेप किया| रेप करने के बाद आरोपी युवक ने उस लड़की को 50 साल के परिचित के पास छोड़ दिया और वहां से चला गया| इसके बाद 50 साल के आरोपी ने भी दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया|

इस मामले को लेकर टीला जमालपुरा पुलिस ने बताया कि 16 वर्षीय नाबालिग कृष्णा नगर में रहती है| पिता की मौत के बाद उसकी मां ही उसका लालन-पालन करती है| कभी-कभी वह मां की मदद के लिए उनके साथ काम पर चली जाती थी| करीब डेढ़ साल पहले मां की मुलाकात हबीबगंज में रहने वाले 22 साल के आरोपी सागर रैकवार से हुई थी| मुलाकात के दौरान आरोपी ने पीड़िता की मां का मोबाइल नंबर ले लिया था और बीच-बीच में महिला को फोन करता रहता था| बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने घर आना जाने शुरू कर दिया| इस दौरान एक बार आरोपी पीड़ित के घर आया लेकिन उस दौरान उसकी मां घर पर नहीं थी| तब सागर ने लड़की से रेप किया| इसके बाद वह लगातार कभी उसके घर और कभी दूसरी जगह ले जाकर दुष्कर्म करता रहा| करीब 15 दिन पहले बहला-फुसलाकर आरोपी उसे अपने साथ ले गया…ओर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया|

रविवार को आरोपी सागर पीड़िता को अपने परिचित जफर के यहां ले गया।जफर की उम्र करीब 50 साल है| सागर ने उनसे कहा कि वह मकान ढूंढने जा रहा है तब तक इसे अपने यहां रख लो… सागर के जाते ही जफर ने भी नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बना लिया| मामले खुलासा तब हुआ जब पीड़ित की तबीयत खराब होने पर उसे उसकी मौसी के घर छोडा गया ओर लड़की ने इस पूरे मामले की जानकारी दी| हालांकि फिलहाल दोनों ही आरोपी फरार हैं… पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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