
केंद्र सरकार की उड़ान योजना (UDAN) के तहत बिहार को क्षेत्रीय हवाई संपर्क के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। राज्य के छह छोटे हवाई अड्डों – मधुबनी, सहरसा, बीरपुर (सुपौल), वाल्मिकीनगर (पश्चिम चंपारण), मुंगेर और मुजफ्फरपुर – को दोबारा विकसित किया जा रहा है। इस पहल से बिहार के सीमांचल, मिथिलांचल, तिरहुत और अंग क्षेत्र को देश के बड़े हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
स्प्रिट एयर को संचालन की जिम्मेदारी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा चयनित एयरलाइन स्प्रिट एयर एलएलपी को इन रूटों पर संचालन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है। स्प्रिट एयर इन हवाई अड्डों को बिहटा एयरपोर्ट और वाराणसी से जोड़ने वाली क्षेत्रीय उड़ानें शुरू करेगी। इससे इन पिछड़े इलाकों के लोगों को सस्ती और सुविधाजनक हवाई यात्रा का विकल्प मिलेगा।
मुख्य सचिव ने बताया राज्य के लिए गौरवपूर्ण कदम
बिहार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने इस पहल को “राज्य के लिए गौरव का विषय” बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य एक साथ छह हवाई अड्डों को पुनर्जीवित कर रहा है। इससे स्थानीय नागरिकों को न सिर्फ यात्रा में सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क भी मजबूत होगा।
24 नए हवाई मार्ग होंगे शुरू
इस परियोजना के तहत 24 क्षेत्रीय हवाई मार्ग विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें बिहटा, वाराणसी, जमशेदपुर और अन्य छोटे शहरों के बीच सीधी उड़ानों की सुविधा होगी। हर रूट पर प्रत्येक सप्ताह 64 सीटों के साथ 8 सीट क्षमता वाले विमानों का संचालन किया जाएगा। इन उड़ानों से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि पर्यटन, व्यवसाय और रोजगार को भी नई दिशा मिलेगी।
परिवहन और विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देगी। पर्यटन स्थलों को जोड़े जाने से स्थानीय संस्कृति और विरासत को नया मंच मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। केंद्र की उड़ान योजना के तहत यह प्रयास राज्य को हवाई संपर्क के मामले में नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाला साबित होगा।
