बिहार में जब से नई सरकार का गठन हुआ है तब से राज्य सरकार कई बड़े फैसले ले रही है। राज्य की नीतीश कुमार की सरकार अब शिक्षा व्यवस्था पर फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार, 16 जनवरी को पश्चिम चंपारण के बेतिया से अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरूआत की है। बेतिया में मुख्यमंत्री ने योजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया और चिकित्सा के क्षेत्र में कई बड़ी घोषणाएं कर दी।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को यात्रा के पहले दिन पश्चिम चंपारण के बेतिया में 153 करोड़ रुपये की लागत वाली 125 परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके साथ ही उन्होंने 29 करोड़ रुपये की 36 अन्य योजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कई बड़ी घोषणाएं भी की।
सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो। सरकार का मानना है कि सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस के कारण कई बार सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता प्रभावित होती है। इससे मरीजों को परेशानी होती है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगने से डॉक्टरों की पूरी सेवाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी और इलाज व्यवस्था में सुधार आएगा।
क्यों निकाली जा रही ‘समृद्धि यात्रा’?
इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के सभी जिलों का दौरा कर वहां चल रही योजनाओं और कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। साथ ही जिलास्तरीय समीक्षा बैठक कर पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। यात्रा के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस क्रम में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी प्रस्तावित है। यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 16वीं यात्रा होगी।
#LIVE: समृद्धि यात्रा के दौरान माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी द्वारा पश्चिम चंपारण में विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण, शिलान्यास, उद्घाटन एवं जनसंवाद। https://t.co/xkkZ7JAuqq
— Janata Dal (United) (@Jduonline) January 16, 2026





