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चिराग पासवान पर पशुपति पारस का बड़ा बयान, बोले- डर है कि मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ेगा

Written by:Deepak Kumar
Published:
चिराग पासवान पर पशुपति पारस का बड़ा बयान, बोले- डर है कि मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ेगा

बिहार की राजनीति में इन दिनों चिराग पासवान और उनके चाचा, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाल ही में बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पारस ने कहा कि चिराग को यह मुद्दा लोकसभा में उठाना चाहिए था, न कि बाहर आकर बयानबाजी करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चिराग बिहार में दलितों पर हो रहे अत्याचार और बड़े कारोबारियों की हत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में सवाल नहीं उठाते, बल्कि बाहर बयान देते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि ऐसा करने पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ सकता है।

‘अगर एनडीए से असंतुष्ट हैं तो समर्थन छोड़ दें’

पारस ने स्पष्ट कहा कि अगर चिराग पासवान एनडीए से खुश नहीं हैं तो उन्हें गठबंधन से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने चिराग को सलाह दी कि “हंसना और गाल फुलाना एक साथ नहीं होता, जिस घर में सम्मान न मिले, उस घर को छोड़ देना चाहिए।” पारस ने दावा किया कि वह खुद और उनकी पार्टी एनडीए से नाता तोड़ चुके हैं और महागठबंधन से बातचीत पूरी हो चुकी है। उनका कहना है कि दो-चार दिनों में वे औपचारिक रूप से महागठबंधन में शामिल हो जाएंगे और फिर बिहार की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार बयान पर प्रतिक्रिया

तेजस्वी यादव के हालिया बयान, जिसमें उन्होंने कुछ परिस्थितियों में चुनाव बहिष्कार की बात कही थी, पर भी पारस ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और वोट देना एक मौलिक अधिकार है। यदि गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को वोट देने से रोका गया तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगी। पारस ने चेतावनी दी कि ऐसे में वे चुनाव आयोग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।

महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर सलाह

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी की 60 सीटों की मांग पर पारस ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों में महागठबंधन के छह-सात दल शामिल हैं, इसलिए सीट बंटवारे में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। पारस के अनुसार, “जहां-जहां किसी दल के जीतने वाले उम्मीदवार हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि महागठबंधन में समन्वय के साथ सीटों का बंटवारा होगा तो ही एनडीए को टक्कर दी जा सकती है।

Deepak Kumar
लेखक के बारे में
तेज ब्रेकिंग के साथ सटीक विश्लेषण और असरदार लेखन में माहिर हैं। देश-दुनिया की हलचल पर नजर रखते हैं और उसे सरल व असरदार तरीके से लिखना पसंद करते हैं। तीन सालों से खबरों की दुनिया से जुड़े हैं। View all posts by Deepak Kumar
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