बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में महागठबंधन ने कमर कस ली है। RJD नेता तेजस्वी यादव के बाद अब चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस भी अपना दमखम दिखाएगी। कांग्रेस (Congress) ने रविवार को 40 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी है। जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी के स्टार प्रचारक राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 29 अक्टूबर को अपनी पहली चुनावी रैली करेंगे। राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव भी मंच साझा करेंगे। तो वहीं एक दिन पहले 28 अक्टूबर को महागठबंधन अपना घोषणापत्र जारी करने जा रहा है।
महागठबंधन 28 अक्टूबर शाम 4.30 बजे अपना घोषणापत्र जारी करेगा। महागठबंधन का घोषणापत्र इस चुनाव में गठबंधन की नीतियों और वादों का आधार बनेगा। कांग्रेस घोषणापत्र में रोजगार, शिक्षा, महिला सुरक्षा और किसानों के मुद्दे पर केंद्रित रखना चाहती है। इससे पूर्व तेजस्वी यादव तीन वादे बिहार की जनता से कर चुके हैं। हालांकि इन वादों पर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा है। अब देखा होगा कि महागठबंधन अपने घोषणापत्र में इन वादों पर कितना जोर देता है।
तेजस्वी यादव कर चुके ये तीन वादे
तेजस्वी यादव ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान जनता से 3 बड़े वादे किए हैं जो इस प्रकार हैं।
1. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (जिन्हें आमतौर पर जीविका दीदियों के नाम से जाना जाता है) से जुड़ी महिलाओं के लिए स्थायी सरकारी नौकरी और 30,000 रुपये मासिक वेतन की घोषणा की।
2. तेजस्वी यादव ने दूसरा बड़ा ऐलान बिहार के संविदा कर्मियों के लिए किया। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे लाखों संविदाकर्मी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण झेल रहे हैं।
3. तेजस्वी यादव ने तीसरे और सबसे बड़े वादे के तौर पर कहा कि हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। तेजस्वी की ये घोषणा काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब वे उपमुख्यमंत्री थे, तब रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए थे। लेकिन मौजूदा सरकार ने उन्हीं योजनाओं की नकल करके जनता को भ्रमित किया था।





