संकट के समय एक हुए सभी धर्मगुरू, पुलिस के साथ मिलकर की शांति की अपील

संकट के समय एक हुए सभी धर्मगुरू, पुलिस के साथ मिलकर की शांति की अपील

अशोकनगर//अलीम डायर।

कोरोना वायरस के चलते संपूर्ण भारत को 21 दिन के लिए लॉक डाउन कर दिया गया है। सभी देशवासियों से अपने अपने घर पर ही रहने की अपील की गई है। ऐसे में लोगों द्वारा किसी प्रकार के भीड़भाड़ वाले आयोजन या गैदरिंग ना की जाए इसको लेकर प्रशासन और पुलिस प्रशासन हर संभव प्रयासरत है। इसी क्रम में अशोकनगर जिले के मुंगावली तहसील स्थित जैन धर्मशाला में मुंगावली कस्बे के समस्त मंदिर के पुजारियों और मस्जिद के हाफिज कारी मुफ्ती एवं सर्व धर्म के अनुयायियों ओर नगर के समाजसेवियों पत्रकार गणों को शांति समिति की बैठक मैं बुलाया गया।

जिसमें नगर के स्थानीय प्रशासन में एसडीओपी तहसीलदार थाना प्रभारी सीएमओ सी ई ओ आदि समस्त अधिकारियों ने बैठक में आए सभी लोगों से यह आग्रह किया कि वह मंदिर और मस्जिदों में किसी प्रकार की भीड़-भाड़ वाले प्रोग्राम का आयोजन ना करें मंदिर में केवल पुजारी पूजा करके मंदिर में ताला लगा देंगे कोई अन्य व्यक्ति मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा तो वही मस्जिद में मौलवी द्वारा अजान दी जाएगी और मस्जिद में रहने वाले ही नमाज पढ़ेंगे बाकी लोग अपने अपने घर पर नमाज़ पढ़े। नगर की एसडीओपी श्वेता गुप्ता ने लोगों को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के तौर तरीके बताएं तो वही थाना प्रभारी रोहित दुबे ने हाथ जोड़कर लोगों से घर में ही रहने की अपील की और यह भी कहा जो इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर शक्ति से पेश आया जाएगा।

इसी दौरान नगर के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल-जवाब भी किए जिसमें घर में उपयोग होने वाली जरूरी चीजों को लेकर आ रही समस्याएं बताएं जिस पर प्रशासन ने आश्वासन देते हुए कहा कि वह आज या कल में हर वार्ड में निश्चित समय के लिए सब्जी फल फ्रूट के ठेले लगाएंगे और जो व्यक्ति जरूरी सामान की कालाबाजारी करता पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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