अंधे कत्ल का पर्दाफाश: अवैध संबंधों के चलते की गई हत्या, ब्लैक मेल कर रही थी महिला

अंधे कत्ल का पर्दाफाश: अवैध संबंधों के चलते की गई हत्या, ब्लैक मेल कर रही थी महिला

ग्वालियर।अतुल सक्सेना

पुलिस(police) ने एक सप्ताह पहले हुए विवाहिता के अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। हत्या की वजह अवैध संबंध और उसके बाद महिला द्वारा नव युवक को ब्लैकमेल(blackmail) निकलकर सामने आई है। प्रेमी युवक ने विवाहिता प्रेमिका से छुटकारा पाने के लिए अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और उसके जेवर लूट कर फरार हो गए। पुलिस ने लगातार प्रयास कर चार आरोपियों में तीन को गिरफ्तार(arrest) कर लिया जबकि चौथा आरोपी फरार है।

एडिशनल एसपी(additional sp) सतेंद्र सिंह तोमर और टी आई(TI) थाना कंपू विनय शर्मा के मुताबिक 24 मई की रात जयारोग्य अस्पताल(hospital) परिसर में पीएम हाउस के पास एक महिला लहूलुहान हालत में पड़ी मिली थी। जिसकी पहचान ममता चौहान निवासी सिकंदर कंपू के रूप में हुई थी। उसे घायल अवस्था में JAH में भर्ती कराया गया लेकिन चोट गहरी होने के कारण 26 मई को उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक महिला के पति विश्वनाथ सिंह चौहान के मुताबिक वो मिहोना जिला भिंड में काम करता है। पत्नी ममता यहाँ बच्चों के साथ रहती है 24 मई को ममता रात करीब 8 बजे बच्चों से बाजार जाने की कहकर निकली लेकिन जब देर रात तक नहीं लौटी तो बच्चों ने उस फोन लगाया तो उसने कहा पहुंचती हूँ लेकिन रात को करीब डेढ़ बजे उनके पास पुलिस ने फोन कर बताया कि ममता पर किसी ने प्राण घातक हमला किया है। वे तत्काल ग्वालियर(gwalior) पहुंचे और 25को कंपू थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 307 का अपराध पंजिबद्ध कर लिया लेकिन विवेचना के दौरान ही ममता की मौत हो गई जिसे बाद धारा 302 का इजाफा हो गया। पुलिस ने अंधे कत्ल को चैलेंज के रूप में लिया और विवेचना तेज कर दी। टी आई कंपू विनय शर्मा के मुखबिर तंत्र ने खबर दी कि इस हत्या में चार लोग वीरू बाल्मीकि, जीतू बाल्मीकि, भोलू बाल्मीकि और कल्लू बाल्मीकि ने मिलकर की है। मुखबिर ने बताया कि वीरू अपने घर आया हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी कर वीरू को पकड़ लिया। और उसने जो कहानी सुनाई वो चौंकाने वाली है।

वीरू और ममता के थे अवैध संबंध, ममता करती थी ब्लैक मेल

वीरू ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात करीब 6महीने पहले जयारोग्य परिसर में ममता से हुई थी। ममता यहाँ किसी का से आई थी। पहली मुलाकात में दोस्ती हो गई और फिर मुलाकातें होने लगीं। हालांकि वीरू 25 साल का था और ममता चालीस वर्षीय थी और दो बच्चों की की माँ थी। ममता ने बताया कि उसका पति मिहोना जिला भिंड में रहता है। धीरे धीरे दोस्ती प्यार में बदली और फिर अवैध शारीरिक संबंधों तक बात पहुँच गई। वीरू ने बताया कि ममता शादी का दबाव बनाने लगी जबकि मैंने कहा कि मैं परिवार की पसंद से शादी करूँगा। उसके बाद वो हैं दोनों के अंतरंग फोटो दिखाकर ब्लैक मेल करने लगी। एक दो बार मैंने पैसे दिया तो उस आदत पड़ गई वो बार बार पैसे मांगने लगी और नहीं देने पर बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी देने लगी। मैं जब बहुत परेशान हो गया तो उसे रास्ते हटाने की योजना बनाई ।

प्लान के तहत JAH में बुलाया और दोस्तों के साथ मिलकर किया हमला

वीरू ने बताया कि उसने अपने दोस्त और रिश्तेदार जीतू, भोलू और कल्लू को पूरी बात बताई जिसके बाद मैंने 24 मई को ममता को JAH के पीएम हाउस के पास बुलाया, जहाँ पहले से ही जीतू, भोलू और कल्लू लाठी सरियों के साथ मौजूद थे। ममता अपनी जुपिटर से आई उसने बात की और फिर घर खर्च के लिए पैसे मांगने लगी। साथ ही शादी नहीं करने पर, लूट, डकैती बलात्कार जैसे मामले में फंसाने की धमकी देने लगी। मैंने उसे समझाया लेकिन वो चिल्लाने लगी जिसके बाद झाड़ियों में छिपे जीतू, भोलू और कल्लू मेरा इशारा करते ही निकल आये और हम सबने मिलकर ममता पर हमला कर दिया। ममता लहूलुहान होकर गिर गई। मैंने तसल्ली करने के लिए उसके सिर पर पत्थर का खंडा पटक दिया और फिर उसके गले में डली सोने की चेन, अंगूठी, टॉप्स निकाले और फरार हो गए।

पुलिस ने गिरफ्तार किये तीन आरोपी एक फरार

वीरू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों के ठिकाने के बारे में पड़ताल की तो पुलिस ने जीतू बाल्मीकि और भोलू बाल्मीकि को गिरफ्तार कर लिया लेकिन चौथा आरोपी कल्लू बाल्मीकि फरार हो गया। खास बात ये है चारों आरोपी युवा हैं मुख्य आरोपी वीरू की उम्र 25साल है, जीतू की 31और भोलू की 32 साल जबकि फरार आरोपी कल्लू तो मात्र 19 साल का है। बहरहाल अवैध संबंधों ने बच्चों से उसकी मां का साया छीन लिया और नव युवकों को जीवन शुरू होने से पहले ही अपराधी बना दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews