खुदरा एवं छोटे व्यापारियों के लिए केंद्र सरकार की Pension योजना, इस तरह मिलेगा लाभ

सातवें वेतनमान

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट

विदेशों में तबाही मचाने के बाद देश में तेजी से रफ्तार पकड़ने वाला कोरोनावायरस(Coronavirus) शासन प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां इसने मानव जीवन को आघात पहुंचाया है। वहीं दूसरी तरफ देश की आर्थिक स्थिति(economic condition) पर भी गंभीर चोट पहुंचाई है। संक्रमण से बचने के लिए जहां देश के हर हिस्से में लॉकडाउन(Lockdown) लगाए जा रहे हैं। वही व्यापारी और नौकरी पेशा वर्ग को इससे काफी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार(central government) द्वारा इनके लिए अच्छी खासी योजना है। जिस के लाभ के दायरे में आने के बाद व्यापारी वर्ग को प्रतिमाह 3000 रुपए की निश्चित पेंशन राशि(Pension amount) प्राप्त होगी। इसके साथ ही लाभार्थी के परिजन को पेंशन में 50% राशि पारिवारिक पेंशन दी जाएगी।

दरअसल व्‍यापारियों के लिए NPS फॉर ट्रेडर्स एंड सेल्फ एम्प्लॉएड परसंस योजना चल रही है। इसके तहत व्यापारियों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा मिलेगी। बता दें कि सरकार ने व्यापारियों और अपना रोजगार कर रहे लोगों की रिटायरमेंट प्‍लानिंग के तहत राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की शुरुआत की है। वही यह हो जोशना वृद्धावस्था में आर्थिक मदद एवं खुदरा व्यापारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए चलाया गया है।

बता दें कि इस योजना का लाभ वही ले सकते हैं जिनका वार्षिक टर्नओवर डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक नहीं है। इसके साथ ही खुदरा व्यापारी व स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस योजना के दायरे में खुदरा व्यापारी चावल मिल, कमीशन एजेंट, अचल संपत्ति के दलाल, छोटे होटलों, रेस्तरां के मालिक सहित लघु व्यापारियों को शामिल किया गया है। इस योजना में रजिस्‍ट्रेशन करने के लिए आधार कार्ड (Aadhaar Card) और बचत खाता (Saving Account) या जनधन खाता (Jandhan Account) होने की जरूरत है। इन योजनाओं में रजिस्‍ट्रेशन कराने में महज दो से तीन मिनट लगते हैं।

जबकि एनपीएस-ट्रेडर्स में शामिल होने की तारीख से ‘ऑटो-डेबिट’ सुविधा के माध्यम से अपने बचत खाते के अनुसार लाभार्थी की आयु 60 साल से कम होना चाहिये। चार्ट के अनुसार 60 वर्ष से कम व्यापारी ही पेंशन का हकदार माना जाएगा। इसका संचालन भारत सरकार (GOVERNMENT OF INDIA) के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (MINISTRY OF LABOUR EMPLOYMENT) द्वारा किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए इसके आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जाएँ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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