VIDEO: कांग्रेस प्रत्याशी आशा दोहरे के बिगड़े बोल, पुलिसकर्मियों को कुत्ता कह दिया!

VIDEO: कांग्रेस प्रत्याशी आशा दोहरे के बिगड़े बोल, पुलिसकर्मियों को कुत्ता कह दिया!

अशोकनगर, हितेंद्र बुधोलिया| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर उपचुनाव (Byelection) के लिए मंगलवार सुबह 7 बजे से मतदान (Voting) हो रहा है| इस दौरान कई क्षेत्रों में फायरिंग, मारपीट की खबरें भी सामने आई है| वहीं मतदान के दौरान आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है| पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने एक बार फिर ईवीएम (EVM) पर सवाल उठाते हुए हुए कहा कि ईवीएम में चिप होती है और वह हैक हो सकती है। वहीं अशोकनगर (Ashoknagar) में कांग्रेस प्रत्याशी (Congress Candidate) पुलिसवालों पर जमकर बरसी, इस दौरान पुलिस के लिए उनके बोल बिगड़ गए|

मतदान के बीच अशोकनगर से कांग्रेस प्रत्याशी आशा दोहरे के विवादित बोल सामने आये हैं| उन्होंने पुलिसकर्मियों को कुत्ता कह डाला| इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है| आशा दोहरे भादोंन पोलिंग पर पहुंची थी, जहां उन्होंने पोलिंग बूथ पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला| उन्होंने पुलिसकर्मी पर अभद्रता के आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों को लेकर अपशब्द कहे|

आशा दोहरे ने कहा हर पोलिंग पर अपने गुंडे भेजकर लोगों पर दवाब बनाया जा रहा है| पुलिसवाले ‘कुत्ते टाइप’ के पुलिसवाले हर जगह बैठे हुए हैं| कांग्रेस प्रत्याशी ने लगाए पुलिस और भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों पर आरोप|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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