शिवराज की मिनी कैबिनेट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता ने उठाए सवाल

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भोपाल।
शिवराज की मिनी मंत्रिमंडल गठन को अभी कुछ ही घंटे हुए है और विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाना शुरु कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और राज्य सभा सांसद विवेक तंखा शिवराज की मिनी कैबिनेट को असंवैधानिक बताया है। तन्खा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कई सवाल किए हैं। विवेक तन्खा संविधान की धारा 164 ए का हवाला देकर कहा है कि कम से कम 12 मंत्री बनने थे, लेकिन केवल पांच को ही मंत्री बनाया गया, यह असंवैधानिक है।

तन्खा ने ट्वीट कर शिवराज सरकार से सवाल किए है। तन्खा ने लिखा है कि शिवराज जी, कैबिनेट के संबंध में मेरे सुझावों को “आंशिक” रूप से ही मानने के लिए धन्यवाद *परंतु* 1.संविधान की धारा 164 -1ए के अनुसार न्यूनतम 12 मंत्री होने चाहिए-बीजेपी को संवैधानिक प्रावधानों से परहेज क्यों पहली बार चारो महानगरों से मूल “बीजेपी” का प्रतिनिधि नही। वही अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि ऑपरेशन लोटस के महत्वपूर्ण किरदार कैसे छूट गए?? 4.वरिष्ठतम नेता और पूर्व एलओपी भी शामिल नही । ,,,,,इस आशा के साथ की प्रदेश में मौत का तांडव रुकेगा और हम कोरोना से जंग जीतेंगे ।

वही कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी मिनी कैबिनेट पर तंज कसते हुए कहा कि कोविड-19 से वास्तविक संघर्ष करने वाले योद्धा तो शहादत दे रहे हैं, शपथ समारोह में शामिल ये राजनैतिक योद्धा फैशन परेड के चलते बिना मास्क लगाए (बिना मास्क 1 साल की सजा का प्रावधान है)! ये लड़ेंगे कोरोना से..दुसरों को तो मत मारिये,जनाब!

बता दे कि शिवराज सिंह चौहान ने 29 दिन बाद मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। सिंधिया समर्थक दो और भाजपा के तीन विधायकों को राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई। भाजपा से नरोत्तम मिश्रा, मीना सिंह और कमल पटेल ने जबकि सिंधिया गुट से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ने शपथ ली। हालांकि, सिलावट और गोविंद सिंह विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्हें छह महीनों के अंदर विधानसभा का सदस्य बनना अनिवार्य है।

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