तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, महिला सहित दो बच्चों की मौके पर मौत

तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, महिला सहित दो बच्चों की मौके पर मौत

जबलपुर।संदीप शर्मा

जबलपुर में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से मिली छूट के बाद एक दंपति जो कि बाइक में सवार होकर गोसलपुर से जबलपुर तरफ जा रहा। उस परिवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। इस घटना में एक महिला और दो बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाइक सवार युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत ही 108 को सूचना दी और घायल युवक को इलाज के लिए मेडीकल कालेज भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक गोसलपुर में रहने वाला अमर पटेल लॉक डाउन में मिली छूट के बाद अपनी पत्नी नंदनी पटेल उम्र 28 वर्ष,5 वर्ष की बेटी आंशिक पटेल और 3 वर्ष का बेटा अंशु पटेल को लेकर उनको मायके छोड़ने के लिए अपनी मोटरसाकिल से जा रहा था।अमर की मोटरसाइकिल जैसे ही बरोदा चौराहे के पास पहुँची तो सामने से आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

इस घटना में अमर की पत्नी नंदनी,बेटी आंशिक,बेटा अंशु सहित अमर को गंभीर चोट आई।आनन फानन में घायलों को इलाज के लिए जबलपुर स्थित निजी अस्पताल लाया गया जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत महिला और दोनो बच्चो को मृत घोषित कर दिया वही अमर की हालत अभी नही नाजुक बनी हुई है।घटना के बाद टक्कर मारने वाला ट्रक चालक ट्रक सहित मौके से फरार हो गया है वही घटना कि सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए है।फिलहाल पुलिस ने अमर के परिजनों को सूचना दे दी है साथ ही ट्रक की तलाश करने नाकाबंदी कर दी गई है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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