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हिमाचल में RDG बंद होने से वेतन-पेंशन पर संकट, सीएम सुक्खू की बैठक में कुल्लू-मंडी के विधायकों ने रखी विकास की प्राथमिकताएं

Written by:Rishabh Namdev
Published:
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद करने से राज्य में वेतन और पेंशन भुगतान पर असर पड़ सकता है। विधायक प्राथमिकता बैठक के दौरान कुल्लू, मंडी और शिमला के विधायकों ने अपने क्षेत्रों के लिए सड़क, स्वास्थ्य, और पर्यटन से जुड़ी विकास परियोजनाओं की मांगें रखीं।
हिमाचल में RDG बंद होने से वेतन-पेंशन पर संकट, सीएम सुक्खू की बैठक में कुल्लू-मंडी के विधायकों ने रखी विकास की प्राथमिकताएं

हिमाचल प्रदेश सरकार के सामने एक नया वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चिंता जताई है कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant – RDG) को बंद करने के फैसले से राज्य की विकास परियोजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के भुगतान में भी मुश्किलें आने की संभावना है।

सीएम सुक्खू ने यह बात विधायक प्राथमिकता बैठक के दौरान कही, जिसमें कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के विधायकों ने अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतें सरकार के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने केंद्र से हिमाचल की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए RDG को फिर से बहाल करने और विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। सीएम के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में राज्य ने अपने स्रोतों से 26,683 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से सरकार को लगभग 401 करोड़ रुपए का वित्तीय लाभ हुआ है, जिससे सालाना 20 करोड़ की आय होने का अनुमान है। इसके अलावा, कड़छम-वांगतू पावर प्रोजेक्ट से मिलने वाली रॉयल्टी 12% से बढ़कर 18% हो गई है, जिससे राज्य को हर साल करीब 150 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी।

कुल्लू और मनाली में पर्यटन व बागवानी पर जोर

बैठक में कुल्लू जिले के विधायकों ने पर्यटन और बागवानी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस बल बढ़ाने, आइस स्केटिंग रिंक बनाने और लेफ्ट बैंक सड़क को मजबूत करने की मांग की। वहीं, कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने PMGSY के तहत स्वीकृत सड़कों का निर्माण समय पर पूरा करने और कुल्लू में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का आग्रह किया। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मांग रखी, जबकि आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार ने बागवानों के लिए एंटी हेल गन लगाने और चिट्टा माफिया पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मंडी जिले में सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल की मांगें

मंडी जिले के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर बल दिया। करसोग से विधायक दीपराज ने बस सुविधा बढ़ाने और सड़कों का निर्माण तेज करने को कहा। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने निहरी के लिए सतलुज से पेयजल योजना बनाने और अधूरे पड़े भवनों का निर्माण पूरा करने का आग्रह किया। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने आपदा प्रभावित फुटओवर ब्रिज बनाने की मांग की। द्रंग के विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने फोरलेन से स्थानीय लोगों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने दूध कलेक्शन सेंटर और चिलिंग प्लांट स्थापित करने की मांग की। वहीं, मंडी के विधायक अनिल शर्मा ने शहर के लिए बाईपास बनाने और सरकाघाट के विधायक दिलीप ठाकुर ने अस्पताल में डॉक्टरों के खाली पद भरने की मांग रखी।

शिमला के चौपाल में भी उठीं विकास की आवाजें

शिमला जिले के चौपाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क के सुधारीकरण के साथ-साथ अपने क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग की। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह और मुख्य सचिव संजय गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री अब शिमला जिले के अन्य और कांगड़ा के विधायकों के साथ बैठक कर उनकी प्राथमिकताएं जानेंगे।