Lockdown2: शासकीय स्कूल के बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग कर रहा यह पहल

Lockdown2: शासकीय स्कूल के बच्चों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग कर रहा यह पहल

डिंडोरी।प्रकाश मिश्रा

डिंडोरी के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इन दिनों कोरोना संक्रमण के बचाव व सावधानी के चलते विद्यालय नही जा पा रहे है इन छात्रों की शिक्षा व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शासन ने छात्रों के खाते में 221 रुपये की राशि जमा कराई है तो वही इन छात्रों के भोजन के लिए राशन की व्यवस्था कर घरों तक पहुचाया जा रहा है जिससे कोई बच्चा भूखा न रहे साथ ही शिक्षा भी ग्रहण भी कर सके।

दरअसल करोना वायरस के कारण देश भर में लाक डाउन चल रहा है।वहीं स्कूलों में शिक्षण सत्र विगत माह से ही शुरू हो गए है किंतु कोरोना वायरस के चलते स्कूल कॉलेज देश भर में बंद है।लॉक डाउन के कारण छात्रो को स्कूल जाने की अनुमति नहीं है। शिक्षा प्रभावित ना हो इसके लिए शासन ने विद्यार्थियों को घर पर रहकर ही शिक्षा प्रदान करने की योजना बनाई है जिसके निर्देश विभागीय स्तर पर जारी किए जा चुके हैं।इसके लिए शासन द्वारा डिजिटल ऐप रेडियो एवं टीवी के माध्यम से पढाई की व्यवस्था की गई है। करोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर लाकडाउन की स्थिति में कोई भी छात्र भूखा न रहे इसके लिए शासन द्वारा स्व सहायता समूह एवं शिक्षकों के सहयोग से खाद्यान्न समग्री छात्र छात्राओं के घर पहुचाने का काम कर रहा है। मध्याह्न भोजन आवंटन के अनुसार उचित मात्रा में खाद्यान्न सामग्री चावल गेहूं बच्चों के घर तक पहुंचा कर दिया जा रहा है साथ ही शासन द्वारा प्रत्येक छात्रो के खाते में 221 रूपय भी प्रदाय किए गए हैं।

इसी योजना के तहत डिंडोरी जिले के प्रत्येक स्कूल के साथ ही ग्राम पंचायत देवरा के शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला मे अध्ययनरत लगभग 250 छात्र छात्राओं को शिक्षको द्वारा घर में पहुंचा कर राशन उपलब्ध कराया गया।तो वही शिक्षकों द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए कोरोना वायरस से बचाओ के तरीके भी छात्रो बताए गए।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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