मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम, सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, इन जिलों में शीतलहर के आसार

मध्य प्रदेश में सर्दी का सितम, सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, इन जिलों में शीतलहर के आसार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| Weather Update Madhya Pradesh. बर्फीली सर्द हवाओं ने प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है| जिसके चलते प्रदेश भर में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है| मौसम का ऐसा हाल इस महीने के अंत तक रहने वाला है| मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात प्रदेश में सबसे कम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (Panchmarhi) में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल (Bhopal) में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम रहा। रायसेन (Raisen) में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा|

मौसम विभाग ने प्रदेश में ठंड को लेकर अलर्ट (Alert) जारी किया है। इसमें कई जिलों में शीतलहर और कुछ इलाकों में कोल्ड डे रहने की सम्भावना जताई गई है| मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक अगले 24 घंटों में भोपाल, उज्जैन, सागर एवं चम्बल संभाग के जिलों में तथा दतिया, गुना, धार, मंडला, उमरिया, शहडोल, सतना एवं रीवा जिलों में शीतलहर चलने की सम्भावना जताई गई है|

सुबह रहेगा घना कोहरा, कोल्ड डे की संभावना
सागर और भोपाल संभागों के जिलों में तथा सतना, उमरिया, जबलपुर, होशंगाबाद, इंदौर, रतलाम, उज्जैन एवं शाजापुर जिलों के कुछ इलाकों में कोल्ड डे रह सकता है| प्रदेश में अभी कोहरा देखा जा रहा है। इसका असर मैदानी इलाकों में ज्यादा है। सागर एवं चम्बल संभाग के जिलों में तथा शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, बालाघाट, रायसेन, गुना, ग्वालियर एवं दतिया जिलों में कहीं कहीं सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा रह सकता है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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