MP Unlock पर मंत्री समूह की बैठक संपन्न, इनको खोलने पर बनी सहमति, ये सेवाएं रहेगी बंद

MP Unlock पर मंत्री समूह की बैठक संपन्न, इनको खोलने पर बनी सहमति, ये सेवाएं रहेगी बंद

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। 1 जून से मध्य प्रदेश अनलॉक (MP Unlock) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए आज प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (narottam mishra) द्वारा मंत्रियों की बैठक ली गई। इस बैठक में 1 जून से प्रदेश को धीरे-धीरे अनलॉक (unlock) के लिए मंत्री समूह के बीच बैठक में चर्चा की गई। जहां 50% सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति पर सहमति बनी है।

बैठक की जानकारी देते हुए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि राजनीतिक और धार्मिक गैदरिंग बंद रहेंगी। एक समय में पुजारी की अतिरिक्त दो अन्य श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। मॉल, टॉकीज बंद होंगे। निर्माण कार्य और सर्विस प्रोवाइडर संबंधी गतिविधियां चालू रखने पर सहमति। हवाई यात्रा शुरू रहेंगी। नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पंजीयन और एग्रीकल्चर कार्यालय खुलेंगे। शादी समारोह में दोनों पक्षों से 20-20 संख्या रहेगी। मृत्यु भोज में 20 की संख्या रहेंगी। दाह संस्कार में 20 लोग रहेंगे। राज्यों की बॉर्डर पर सख्ती रहेगी। आर्थिक गतिविधि चालू रहेंगी।

कोविड नियंत्रण के प्रति जन जागरूकता को लेकर मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्री समूह की बैठक शुरू हुई। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वाश सारंग, ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर, पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर, शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और अधिकारीगण मौजूद है।

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बता दें कि इससे पहले कल प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि हमने तय किया है कि एक जून से धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियाँ खोलेंगे। अभी पूरी सावधानी से गतिविधियों का संचालन आवश्यक है। भीड़, मेले, ठेलों आयोजनों से अभी बचना होगा। यदि हमने यह नहीं किया तो संक्रमण को बढ़ने में देर नहीं लगेगी और हम पुन: संकट में फँस जाएंगे।

शिवराज सिंह ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू धीरे-धीरे खोला जाएगा। कौनसी गतिविधि कब आरंभ होगी, क्या खुला रहेगा, क्या बन्द रहेगा, यह ग्राम, वार्ड, ब्लाक, नगर और जिला स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियाँ तय करेगी। जो जिले पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो गए हैं, वहाँ की गतिविधियाँ अलग होंगी। जहाँ संक्रमण फैला है वहाँ क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी अलग से विचार करेगी। अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग व्यवस्थाएँ होंगी। यह भी स्थानीय स्तर पर ही तय होगा।आगामी रणनीति के बारे में एक जून से पहले निर्णय लेना आवश्यक है। उसके लिए एक-दो दिन में ही चर्चा कर पूरी सावधानी बरतते हुए निर्णय लिया जाए। अनलॉक का जो वैज्ञानिक तरीका है उससे समितियों को अवगत कराया जाएगा

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