
भोपाल। सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों को राज्यपाल ने पद से पृथक कर दिया हैै।
सिंधिया समर्थक 6 पूर्व मंत्री और अब विधायकों पर कार्यवाही के बाद स्पीकर ने मीडिया से कहा-
मुख्यमंत्री की सलाह पर सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों को राज्यपाल ने पद से पृथक किया।
इन विधायकों ने मंत्री रहते सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर जो बयान दिए वह इनके आचरण के और पद और गोपनीयता के विरुद्ध। इसके अलावा तय समय पर विधायकों को तय समय पर बुलाया परंतु मीडिया पर बयान देते नजर आए और मेरे समक्ष उपस्थित नहीं हुए।
उनके आचरण नियम विरुद्ध इसलिए इन छह विधायकों के इस्तीफे 10 मार्च 2020 की स्थिति में स्वीकार किए जाते हैं।

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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

