MP : सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन के सवाल पर ये क्या कह गए राजगढ़ कलेक्टर

MP : सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन के सवाल पर ये क्या कह गए राजगढ़ कलेक्टर

राजगढ़।

राजगढ़ जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीज के बाद भी पूरे जिले में दुकानें खुली हुई हैं और कहीं भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन नजर नहीं आ रहा। इस पर जिला कलेक्टर नीरजसिंह से बात की गई तो उन्होंने कोरोना को लेकर जो बयान दिया है। उसमें वह कह रहे है इसमें कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। हमें कोरोना के साथ रहना सीखना होगा।जिले में कितने भी पेशेंट हो जाए। उसका मतलब यह तो नहीं कि पूरा शहर बंद कर दिया जाए।

केंन्द सरकार की जो गाइडलाइन है उसका पूरा पालन किया जाए। हड़बड़़ाहट में यह कह दिया जाए कि हम सारी चीजें बंद कर देंगे। ब्लाक कर देंगे यह कहना सलूशन नहीं है। दो महीने मे सारी चीजें बंद रहने के बाद भी कोरोना के केस में बढ़ोतरी हुई है और अब भी केस बढ़ेंगे। हमें कोरोना के साथ रहना सीखना होगा। कलेक्टर महोदय केंद्र सरकार की गाइडलाइन का हवाला दे रहे हैं लेकिन राजगढ़ जिले में कहीं भी इस गाइडलाइन का पालन नजर नहीं आ रहा।

भले ही सरकार ने बाजारों को खोलने की अनुमति दी है लेकिन उनमें सोशल डिस्ट्रेसिंग का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। राजगढ़ जिले में बाजारों में कहीं भी सोशल डिस्ट्रेसिंग का पालन नजर नहीं आ रहा। जिले के बाजारों की इस भीड़ को देखिए कहीं आपको ऐसा लग रहा है जिला प्रशासन केंद्र सरकार की गाइड लाइन का पालन करा पा रहा है । ऐसे में जिला कलेक्टर ने कोरोना को लेकर एक गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है। जिला कलेक्टर ने कोरोना को लेकर जो बयान दिया हैं, ऐसे में इनसे कैसे उम्मीद की जाए यह जिले में कोरोना को रोक पाएंगे। क्योकि राजगढ़ जिले से कोरोना के 14 केस अब तक सामने आ चुके है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews