सीएम शिवराज श्रम सुधारों को लेकर आज दोपहर कर सकते है बड़ा ऐलान

सीएम शिवराज श्रम सुधारों को लेकर आज दोपहर कर सकते है बड़ा ऐलान

भोपाल।

प्रदेश में महामारी काल के बीच गहराए अर्थव्यवस्था(economy) संकट(crisis) को वापस पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(CM shivraj singh chouhan) आज कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। माना जा रहा है कि श्रम सुधार को लेकर मध्यप्रदेश में नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसकी घोषणा सीएम शिवराज आज कर सकते हैं।

दरअसल कोरोना महामारी(corona pandemic) और लॉकडाउन(lockdown) को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा रोजगार(employment) के अवसर को बढ़ावा देने के लिए 1000 दिन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। वही महामारी के दौरान कारखानों में न्यूनतम नियोजन करते हुए अधिकतम उत्पादन करने की योजना तैयार की जाएगी। माना जा रहा है कि कारखानों के नक्शा अनुमोदन, पंजीयन(registration) एवं लाइसेंस(licence) का नवीनीकरण 1 दिन में जारी करने की घोषणा भी की जा सकती है। श्रम सुधार को लेकर सरकार सभी कारखानों में 12-12 घंटे की शिफ्ट और सप्ताह में 72 घंटे की ओवरटाइम(overtime) की अनुमति भी दे सकती है। वही कारखाना अधिनियम में 120 धाराओं में लगभग 90 धारा में छूट मिलने की संभावना है।

माना जा रहा है कि गुरुवार को सीएम शिवराज(CM Shivraj) मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं। वहीँ दुकान स्थापना अधिनियम 1958 के अंतर्गत दुकान खोलने एवं बंद करने के समय में वृद्धि की जा सकती है। इसके साथ ही अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम को लेकर सरकार कुछ बड़ी घोषणा कर सकती है। इसी के साथ श्रम कानून में न्यायालय कार्यवाही के विकल्प के रूप में कुछ प्रावधान के साथ-साथ मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के कुछ प्रावधान में सरकार द्वारा कामगारों को छूट दी जा सकती है।

श्रम सुधारों के अंतर्गत रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने 1000 दिन (1000 days) की कार्ययोजना तैयार होगी।  कोविड-19 महामारी के दौरान कारखानो में न्यूनतम नियोजन करते हुए अधिकतम उत्पादन करने की योजना की भी घोषणा हो सकती है। सभी कारखानों में श्रमिको  कीं शिफ्ट बढ़ाने को लेकर फैसला हो सकता है तथा कारखाना अधिनियम की अधिकतम धाराओं में छूट दी जाने की संभावना है। कारखानों के नक्शा अनुमोदन, पंजीयन, लाइसेंस इत्यादि के नवीनीकरण सहित इत्यादि व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की भी घोषणा भी संभव है। वहीं मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 को लेकर कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती है संविदा स्वयं विनियमन एवं प्रतिबंध अधिनियम 1970 के अंतर्गत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुछ महत्वपूर्ण फैसले ले सकते हैं। मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के अंतर्गत दुकान खुलने एवं बंद करने के समय में भी वृद्धि की जा सकती है। साथ ही अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 में भी मध्य प्रदेश सरकार कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती है। मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के कुछ प्रावधानों में छूट भी मिल सकती है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews