LIC में अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, सरकार द्वारा नवरत्न कंपनियों के बेचने का विरोध

LIC में अधिकारियों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, सरकार द्वारा नवरत्न कंपनियों के बेचने का विरोध

सीहोर।अनुराग शर्मा

एलआईसी कार्यालय के अधिकारियों कमज़्चारियों ने सरकार द्वारा एलआईसी को शेयर बाजार में लिस्ट करने, पेंशन में विदेशी निवेश, बीमा में विदेशी निवेश बढ़ाने और देश की नवरत्न सावज़्जनिक कंपनियों को बेचने का शुक्रवार को विरोध कर प्रदर्शन किया। इस दौरान एलआईसी अधिकारियों कमज़्चारियों ने नारेलिखी तख्तियों के साथ सरकार की जनविरोधी घातक नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर बीमा प्रीमियम पर जीएसटी माफ करने सावज़्जनिक कंपनियों को मजबूत करने,देश की सभी सरकारी कंपनियों को मजबूत करने की मांग की।

एलआईसी यूनियन के संयुक्त सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार आत्मनिभज़्रता की बात कहती है और देश के आत्मनिभज़्र देश की शान नवरत्न कंपनियां को बेचने पर उतारू है देश की कोयला खदानों को बेचा जा रहा है रेलवे का निजीकरण हो रहा है बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति बढ़ाई जा रही है यहां तक की पेंशन में भी विदेशी निवेश की छूट दी जा रही है सब कुछ विदेशी एवं देसी बड़े बड़े धन्ना सेठों के हवाले देश की संपत्ति को किया जा रहा है।
उन्होने कहा की देश कैसे आत्मनिभज़्र हो सकता है यहां तक कि देश की रक्षा में महत्वपूणज़् भूमिका निभाने वाले कल कारखाने जो देश की रक्षा जरूरतों का उत्पादन करते हैं उनका भी सरकार निजी करण करना चाह रही है ऐसे में देश की अथज़्व्यवस्था सुधरने के स्थान पर और गतज़् में जाएगी।

यूनियन अध्यक्ष प्रेम नारायण परमार ने कहा कि सरकार ने अब हमारे लिए केवल संघषज़् और संघषज़् का ही रास्ता छोड़ा है बिना संघषज़् के ना तो देश की जनता बच सकती है और न ही देश के सावज़्जनिक कल कारखानों की रक्षा की जा सकती है यदि हमें देश की संपत्ति को एवं देश को बचाना है तो सड़कों पर उतरने के लिए हमें तैयार रहना पड़ेगा।
प्रदशज़्न में विजय कुमार, गणेश प्रसाद, मोहनलाल परमार, प्रेम सिंह मीणा, राकेश कुमार राठौर, सुरेंद्र सिंह यादव, योगेंद्र दुबे, रवि कांत कुमरे, प्रमिला शास्त्री, हेमलता वशिष्ठ, रूमाना कुरैशी, संजय चावरिया, सेलवेरियश खेस, राजेंद्र सिंगरवाल, रामनारायण कैलाशिया, नवाब खान, अशोक जायसवाल, बहादुर सिंह पौडवाल, उमेश कुशवाहा, बालमुकुंद मिश्रा, कुशल भारती, अनमोल यादव, लक्ष्मी नारायण, राजेश राठौर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कमज़्चारी शामिल रहे।

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