कोरोना काल मे निजी अस्पतालों की लूट बरकरार, डिजास्टर मैनेजमेंट की हुई बैठक

कोरोना काल मे निजी अस्पतालों की लूट बरकरार, डिजास्टर मैनेजमेंट की हुई बैठक

जबलपुर, संदीप कुमार| शहर में डिजास्टर मैनेजमेंट की बैठक हुई बैठक में कांग्रेस विधायकों ने इस बात पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया कि अभी भी जबलपुर में निजी अस्पताल कोरोना वायरस के इलाज के नाम पर लूट मचाए हुए हैं और कोर्ट के आदेश के बाद भी कई निजी अस्पतालों ने अब तक अपनी ना तो रेट लिस्ट जाहिर की है और ना ही अपने रेट कम किए हैं।

जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष खुद कोरोना वायरस के जब शिकार हुए तो उन्हें भी 5 लाख रुपए खर्च करना पड़ा इस बैठक में मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट, जबलपुर उत्तर मध्य विधायक विनय सक्सेना और जबलपुर बरगी के विधायक संजय यादव कांग्रेस की ओर से शामिल हुए थे।वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से सांसद राकेश सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई उपस्थित थे।सांसद राकेश सिंह का कहना है कि उन्होंने सांसद निधि से जबलपुर के सरकारी अस्पतालों को डेढ़ करोड़ रुपए की लागत के 5000 रेनबेशिवर इंजेक्शन उपलब्ध करवाए हैं जो सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को ही दिए जाएंगे. इसके साथ ही निजी अस्पतालों के लिए भी इन इंजेक्शनों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जा रही है. वहीं यदि किसी निजी अस्पताल में नियम से ज्यादा बिल वसूला गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।इधर प्रशासन का दावा है कि जबलपुर में कोरोना वायरस प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तर उपलब्ध हैं. हालांकि जबलपुर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और प्रशासन के दावे के परे लोग इस बात पर आपत्ति जता रहे हैं कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews