सिंधिया ने BJP को दी नसीहत, फिर दोहराई ‘सड़क पर उतरने’ की बात

सिंधिया ने BJP को दी नसीहत, फिर दोहराई ‘सड़क पर उतरने’ की बात

भोपाल।
कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष को बडी नसीहत दी है। सिंधिया ने कहा कि विपक्ष को मेरे लिए लड़ने की जरूरत नहीं है। मैं अपने आप के लिए लड़ने के लिए सक्षम हूं । सिंधिया आज भोपाल पहुंचे थे जहां मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने ये बात कही। इसके बाद वे गुना के लिए रवाना हो गए , यहां पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय से उनकी मुलाकात होना है।

दरअसल, सिंधिया की नाराजगी के बाद समर्थकों के साथ साथ विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी भी महाराज के समर्थन में उतर आई है।लगातार कांग्रेस और कमलनाथ सरकार पर हमले बोल रही है। भाजपा की सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में बीजेपी के विधायक विश्वास सारंग ने तो कमलनाथ सरकार को चुनौती तक दे डाली है ।सारंग का कहना है कि अगर कांग्रेस में दम है तो वह ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बताएं । कांग्रेस में योग्यता की कोई कदर नहीं है और जिस चेहरे के दम पर चुनाव लड़ा गया, वह चेहरा आज नेपथ्य में हैं और सड़क पर उतरने तक की बात कर रहा है ।

बीजेपी की तरफ से लगातार हो रही बयानबाजी पर सिंधिया ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि विपक्ष को मेरे लिए लड़ने की जरूरत नहीं है। मैं अपने आप के लिए लड़ने के लिए सक्षम हूं । मैं अपने आप के नही लिए लड़ रहा हूं मैं प्रदेश की जनता के लिए लड़ रहा हूं, जो मैं पिछले 16 से 17 सालों से कर रहा हूं, यह कोई नई बात नहीं है। मैंने जो रास्ता लिया है वह जनसेवा का रास्ता है। जनसेवा में हमें लोगों का मुद्दा उठाना जरूरी है मैंने यही कहा है 1 साल हुआ है सब्र रखना है हमारे वचन पत्र में जो भी लिखा है। हम 5 साल में पूरा करेंगे अगर पूरा नहीं हुआ तो हमें जनता के साथ खड़ा रहना होगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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