Shivraj Cabinet: मंत्रियो के बीच काम का बंटवारा, जाने किसको क्या मिली जिम्मेदारी

Shivraj Cabinet: मंत्रियो के बीच काम का बंटवारा, जाने किसको क्या मिली जिम्मेदारी

भोपाल।
प्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने कैबिनेट में पांच मंत्रियों को शामिल किया है। कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद शिवराज कैबिनेट की पहली बैठक हुई।बैठक में प्रदेश पर गहराए कोरोना संकट से निपटने को लेकर चर्चा हुई।वही नए मंत्रियों को विभागों की जगह संभागों की जिम्मेदारी दी गई।

जहां कैबिनेट मंत्री नरोत्तम को भोपाल-उज्जैन संभाग, तुलसी सिलावट को इन्दौर-सागर, गोविन्द राजपूत को चंबल-ग्वालियर जिम्मेदारी दी गई वही मीना सिंह को रीवा-शहडोल और कमल पटेल को होशंगाबाद-नर्मदा पुरम संभाग का जिम्मा सौंपा गया।ये सब डिविजनल कमिश्नर, आईजी एसपी कलेक्टर स्वास्थ्य विभाग के साथ स्थानीय स्तर पर कोआर्डिनेशन करेंगे। जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद और बैठ के जनता से फीडबैक लेंगे। इतना ही नही समय समय पर अधिकारियों को निर्देशित भी करेंगे।इसके अलावा जहां जहां निर्माण कार्य शुरू होंगे और खासकर कृषि से संबंधित काम पर फोकस करेंगे।

नगर निगम के महापौर 1 साल तक पद पर बने रहेंगे
इसके अलावा सरकार ने बैठक में बड़ा फैसला लिया।जिसके तहत हर निकाय में प्रशासकीय समिति बनेगीl नगर निगम में महापौर और नगर पालिकाओं में अध्यक्ष प्रमुख होंगेl यह व्यवस्था करीब 1 साल तक लागू रहेगीl
कोरोना संक्रमण के चलते निकायों के चुनाव फिलहाल नहीं होंगेlकमलनाथ सरकार ने निकायों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रशासक की नियुक्ति कर दी थी जिसे शिवराज सरकार ने पलट दिया है।

बता दे कि भोपाल में राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने नरोत्तम मिश्रा, तुलसी सिलावट, कमल पटेल, गोविंद राजपूत और मीना सिंह को कैबिनेट मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई गई।कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर शपथ समारोह का आयोजन सादगी से किया गया।मुख्यमंत्री चौहान की शपथ के 29 दिन बाद उनके मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है। भाजपा हाईकमान की हरी झंडी के बाद पांच मंत्रियों को शपथ दिलाने का निर्णय हुआ, इसमें जातीय समीकरण को साधने का प्रयास भी किया गया है। महिला और आदिवासी वर्ग का प्रतिनिधित्व मीना सिंह, ओबीसी वर्ग से कमल पटेल, अनुसूचित जाति वर्ग से सिलावट और सामान्य वर्ग से नरोत्तम मिश्रा और गोविंद सिंह राजपूत को प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है।3 मई के बाद लॉकडाउन खत्म होने के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। क्योंकि कई वरिष्ठ नेताओं को अभी इस मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।

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