प्रवासी मजदूरों को लेकर शिवराज सरकार ने की बड़ी घोषणा

प्रवासी मजदूरों को लेकर शिवराज सरकार ने की बड़ी घोषणा

भाेपाल।

लॉक डाउन 4.0(lock down 4.0) से पहले प्रदेश (madhypradesh) की शिवराज सरकार (shivraj sarkar) ने प्रवासी मजदूरों के हित में बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने फैसला किया है कि राज्‍य से गुजरने वाले प्रवासी मजदूरों (migrant workers) की मदद करेगी।जिसके तहत राज्‍य से गुजरने के दौरान यदि प्रवासी मजदूर की किसी कारण से मौत हो जाती है तो सरकार की ओऱ से मजदूर के परिजनों को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा हादसे में घायल होने पर मजदूर को 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chouhan) ने कहा है कि विभिन्न प्रदेशों से मध्यप्रदेश लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की सीमा पर हेल्थ स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाये। साथ ही अन्य प्रदेशों के मध्यप्रदेश में फँसे हुए मजदूरों को सीमा तक छोड़ने के लिये वाहनों की व्यवस्था सुचारु रहे। आने एवं जाने वाले सभी मजदूरों के लिये भोजन, चाय-नाश्ते आदि की व्यवस्थाएँ कलेक्टर्स अपने-अपने जिलों में सुनिश्चित करें। जो मजदूर ट्रक आदि वाहनों में ओव्हरलोड होकर जाते दिखें, उन्हें उतार कर पृथक वाहन से भिजवाने की व्यवस्था की जाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi)की घोषणा अनुसार सभी प्रदेशों के प्रवासी मजदूरों को 2 माह का नि:शुल्क राशन दिया जाना है। अत: इस संबंध में सभी जिले आवश्यक व्यवस्थाएँ करें। मुख्य सचिव श्री बैंस ने निर्देश दिये कि सभी जिले ऐसे हितग्राहियों की सूचियाँ तैयार कर लें।

3 लाख 84 हजार प्रवासी मजदूर प्रदेश लौटे

प्रदेश में अभी तक 3 लाख 84 हजार प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से वापस आ गये हैं। इनको लेकर 85 ट्रेनें आ गई हैं तथा 8 ट्रेनें आज आने वाली हैं। आज चैन्नई से ट्रेन मध्यप्रदेश के लिये रवाना होगी। लगभग एक लाख मध्यप्रदेश के मजदूर अभी अन्य राज्यों में फँसे हुए हैं, जिन्हें ट्रेन एवं बस से लाने की व्यवस्था की जा रही है।

3 लाख 4 हजार ई-पास जारी

विभिन्न स्थानों पर आने-जाने की अनुमति संबंधित 3 लाख 4 हजार 544 ई-पास अभी तक जारी किये गये हैं। अब ई-पास के लिये आने वाले कॉल्स की संख्या अत्यंत कम हो गई है। मुख्य सचिव श्री बैंस ने निर्देश दिये कि जिन व्यक्तियों को ई-पास जारी किये गये हैं, उन्हें फोन कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली जाये।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews