सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स का टर्मिनेशन वापस, जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को दिया था समर्थन

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ग्वालियर, अतुल सक्सेना। जूनियर डॉक्टर्स (Junior Doctors) की हड़ताल का समर्थन कर उनके साथ हड़ताल पर  गए ग्वालियर के जीआर मेडिकल कॉलेज (GR Medical College)  के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स  (Senior Resident Doctors) का टर्मिनेशन वापस हो गया है। अपनी गलती का अहसास होने के बाद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने वापस ज्वाइन करने की गुजारिश की थी जिसे कॉलेज काउन्सिल ने स्वीकार करते हुए उनका टर्मिनेशन समाप्त कर दिया।

6 सूत्रीय मांगों के साथ हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और मेडिकल  टीचर्स एसोसिएशन (MTA) का समर्थन मिल गया था जिसके बाद जीआर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने भी जूनियर डॉक्टर्स को समर्थन दे दिया और हड़ताल पर चले गए थे।  कॉलेज प्रबंधन ने नियुक्ति पत्र की शर्तें का हवाला देते हुए सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को हड़ताल पर जाने से रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने उसके बाद हड़ताल पर जाने को अनुशासनहीनता मानते हुए शासन के निर्देश पर ग्वालियर के 46 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को टर्मिनेट कर दिया गया।

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टर्मिनेशन के बाद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने अपने विभागों के हेड से बात की और वापस ज्वाइन करने की इच्छा जताई, विभाग हेड ने डीन को इसकी जानकारी दी उसके बाद कॉलेज काउन्सिल की मीटिंग में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स की बात रखी गई।  जीआर मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डीन डॉ समीर गुप्ता ने बताया कि कॉलेज काउन्सिल ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स का टर्मिनेशन ख़त्म कर दिया लेकिन साथ में एक अंडरटेकिंग भी ली कि भविष्य में उनके द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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