मुख्यमंत्री की दो टूक, “अब बोरिया बिस्तर बांध लें माफिया,कोई छोड़ा नहीं जायेगा”

शिवराज सिंह चौहान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  माफिया और मिलावटखोरों के खिलाफ मध्यप्रदेश (Madhya pradesh)में जारी अभियान के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) का बड़ा बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक शब्दों कहा कि ” अब माफिया अपना बोरिया बिस्तर बांध लें , किसी को भी मध्यप्रदेश में छोड़ा नहीं जायेगा।”

अपने पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश से डकैतों के सफाये का अभियान चलाया था उसी तर्ज पर इस कार्यकाल में शिवराज सिंह चौहान ने माफिया के खिलाफ है।उन्होंने  उनके निर्देश पर इस समय  मिलावटखोरों और माफिया के खिलाफ अभियान जारी है।  गुरूवार को राजधानी में  मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर दोहराया कि माफिया  कोई भी बक्शा नहीं जायेगा उन्होंने कहा ” इस मामले में मैं साफ हूँ और हमारी सरकार स्पष्ट है और दृढ़ है, हमारा मंत्र है सज्जनों के लिए फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के लिए वज्र से ज्यादा कठोर है हमारी सरकार। इसलिए माफिया अब अपना बोरिया बिस्तर बांध लें, वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।  उन्होंने कहा कि कोई माफिया, कोई गुंडा, कोई दादा , कोई तस्कर, कोई बदमाश अब मध्यप्रदेश में छोड़ा  जायेगा।”

एंटी माफिया अभियान के तहत जारी है सख्ती 

प्रदेश में सक्रिय माफिया के खिलाफ कड़े एक्शन मूड में आ चुकी शिवराज सरकार ने पिछले कुछ दिनों से भू माफिया के खिलाफ सख्त रुख  बनाया हुआ है।  भू माफिया और गुंडों के खिलाफ सरकार के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन सख्ती से निपट रहे हैं।  इस अभियान के तहत अभी तक भू माफिया और गुंडे बदमाशों के अवैध निर्माण ध्वस्त किये जा चुके हैं। गौरतलब है कि बुधवार को इंदौर के दो बड़े भू माफिया बब्बू और छब्बू के आलीशान तीन मंजिला भवन को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। बताया जाता है कि भू माफिया बनने से पहले बब्बू टेलर का काम करता था और छब्बू पेंटर था।  इन दोनों पर इंदौर के विभिन्न थानों में कई अपराध दर्ज हैं।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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