
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री लोगों को कोरोना से बचने की लाख राय दे दे रहे हैं। एक्सपर्ट अपील कर रहे हैं कि यदि प्रोटोकॉल का पालन नहीं हुआ तो तीसरी लहर भी दूर नहीं। बावजूद इसके सरकारी कार्यालय तक कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।
खंडवा में पानी की समस्या को लेकर महिलाओं ने किया नगर निगम का घेराव, जमकर की नारेबाजी
नजारा भोपाल के आईएसबीटी स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय का है जहां संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों की भीड़ देखकर आप चौंक जाएंगे। सरकार के साफ नियम है कि सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों पर प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। इसके तहत कम से कम 6 फुट की दूरी के नियम का पालन हो। निजी दुकानों व शोरूमों में इस नियम का पालन न करने वालों पर तत्काल चालान काट दिए जाते हैं पर यह तो सरकार का दफ्तर है। वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत आने वाले इस कार्यालय में जिस तरह से कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है उसे देखकर लगता ही नहीं कि हाल ही में लोगों ने मौत का खौफनाक मंजर देखा है। 104 दिन का कोरोना कर्फ्यू भी लोगो को नही चेता सका। कर्फ्यू हटते ही लोगों को लगा मानों कोरोना भाग गया। भीड़ का रेला देखकर यह बात समझ में आती है कि पढ़े लिखे लोगों को भी इतना सामान्य ज्ञान नहीं कि यदि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो क्या होगा।
हैरत की बात यह है कि लोग दूसरों की जान के साथ-साथ अपनी जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। नगर निगम और प्रशासन का अमला रोज निकलता है यह देखने के लिए कि कहीं प्रोटोकॉल का उल्लंघन तो नहीं हो रहा। यदि निजी दुकानों या स्थानों पर ऐसा पाया जाता है तो तत्काल चालानी कार्रवाई की जाती है। लेकिन सरकारी दफ्तरों में इस भीड़ को देखने वाला कोई नहीं। जाहिर सी बात है कि जब तक नियंत्रण नहीं होगा तब तक कोरोना को पूरी तरह से खत्म कर पाना संभव ही नहीं। नजर हटी दुर्घटना घटी की तर्ज पर यह पूरा मामला है जहां लोग खुद को जानबूझकर मौत के मुंह में डाल रहे हैं।
[dgv_vimeo_video id=”566104016″]
[dgv_vimeo_video id=”566104232″]
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

