Tikamgarh: बहु ने पिता और भाई को बुलाकर करवाया ससुरालियों पर हमला, सास की मौत

Tikamgarh: बहु ने पिता और भाई को बुलाकर करवाया ससुरालियों पर हमला, सास की मौत

टीकमगढ़।आमिर खान।

पारिवारिक विवाद के चलते एक महिला की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई, तो वहीं इस घटना में अन्य तीन लोग घायल हो गए। मामला पति पत्नी के विवाद का बताया जा रहा। पति पत्नी के विवाद के बाद पत्नी ने अपने भाई और पिता को अपनी ससुराल में बुलाकर ससुरालियों पर चाकुओं से हमला करा दिया, जिसमें पत्नी की सास की मौत हो गई और पति, ससुर व देवर घायल हो गए। मामले की जानकारी लगते ही मौके पर पुलिस पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल लाया गया।

जानकारी के अनुसार इंदिरा कालोनी मंजना निवासी रमेश अहिरवार की बहु ममता अहिरवार और उसके पति के बीच कुछ आपसी विवाद हो गया इसी को लेकर ममता ने इसकी जानकारी अपने मायके अपने पिता और भाई को फोन पर दी। जानकारी के बाद नाराज पिता देवीराम अहिरवार और उसका लड़का पन्नालाल अहिरवार ग्राम आहार लड़वारी से मंजना गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ममता के साथ मिलकर सास प्रेमवती अहिरवार पर चाकुओं से हमला कर दिया। इसी दौरान जब उसे प्रेमवती के लड़कों और उसके पति ने बचाने की कोशिश की तो उनके ऊपर भी हमला हुआ।

यह पूरा विवाद पहले तो घर के अंदर चलता रहा, इसके बाद घर के बाहर भी विवाद हुआ। इस घटनाक्रम ने एक महिला की जान ले ली है, तो वहीं, तीन लोग घायल हुए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साथ मृतक और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews