आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दमोह के पंचकल्याण महोत्सव में होंगे शामिल

आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह दमोह के पंचकल्याण महोत्सव में होंगे शामिल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दमोह जिले के कुंडलपुर में स्थित विश्व के सबसे बड़े जैन मंदिर में अयोजित पंच कल्याण महोत्सव में शामिल होंगे। दोपहर 1:30 बजे वह  महोत्सव का हिस्सा बनने दमोह पहुंचेंगे।  इस दौरान भगवान आदित्यनाथ की प्रतिमा पर महा मस्तिष्क अभिषेक भी आयोजित किया जाएगा।

तैयारी अभी भी चल रही है।
कुंडलपुर की जैन प्रतिमा

बता दें कि सहस्त्र कूट जिनालय में 1008 प्रतिमाएं विराजमान की जा रही है। आज आचार्य विद्यासागर का आशीर्वाद लेने मुख्यमंत्री कुंडलपुर पहुंचेंगे।  इससे पहले मुख्यमंत्री कोरोना  से संक्रमित थे और कल ही उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है, अब वो अब वो धीरे -धीरे सक्रिय हो रहे हैं। सोमवार शाम को मुख्यमंत्री 3 मुद्दों पर समीक्षा बैठक भी करेंगे। पीएम आवास के हित के लिए होने वाले कार्यक्रम की भी समीक्षा मुख्यमंत्री करेंगे। साथ ही साथ 25 फरवरी को होने वाले रोजगार मेले की समीक्षा के लिए आज मुख्यमंत्री बैठक करेंगे। बता दें की मुख्यमंत्री से पहले केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस महोत्सव का हिस्सा बन चुके हैं।

यह भी पढ़े… मुरैना : देवरी गौशाला पर चक्का जाम करने जा रहे मिर्ची बाबा के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्नीक दमोह जिले के कुंडलपुर स्थित सिद्ध क्षेत्र बड़े बाबा मंदिर में पूजा अर्चना कर भगवान आदिनाथ से प्रदेश की प्रगति एवं प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना की।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews