नगर निगम कमिश्नर की अनूठी पहल- सफाई संरक्षकों को ऐसे किया प्रेरित

नगर निगम कमिश्नर की अनूठी पहल- सफाई संरक्षकों को ऐसे किया प्रेरित

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। रविवार को ग्वालियर (Gwalior) की सुबह एक बार फिर कोहरे के अहसास के साथ हुई। घने कोहरे के साथ हवा चलने से सर्दी अधिक थी बावजूद इसके शहर को स्वच्छ रखने वाले स्वच्छताकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। सफाई व्यवस्था के निरीक्षण पर निकले नगर निगम कमिश्नर ने जब लगन के साथ सर्दी में काम करते स्वच्छताकर्मियों को देखा तो उनसे उनके हालचाल पूछे और उन्हें अपने हाथ से चाय और बिस्किट दिये।

जनवरी के पहले पखवाड़े में नगर निगम कमिश्नर (Municipal Corporation Commissioner) की जिम्मेदारी संभालने वाले IAS शिवम वर्मा (Shivam Varma) सफाई व्यवस्था को लेकर बहुत गंभीर हैं। वे लगातार सुबह और रात के समय सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। कभी वे हाथ जोड़कर दुकानदारों से सफाई रखने की अपील करते हैं तो साथ ही अपने कर्मचारियों को भी प्रेरित करते हैं। रोज की तरह आज रविवार को छुट्टी वाले दिन भी नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा (Municipal Corporation Commissioner Shivam Varma) सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने निकले। वे मेला ग्राउंड में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को देखने पहुंचे। यहाँ जब उन्होंने घने कोहरे के बीच तेज सर्दी में स्वच्छताकर्मियों को काम करते देखा तो उनसे उनके हालचाल पूछे और उनके लिये चाय बिस्किट मंगवाए और अपने हाथों से उन्हें दिये।

नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा (Municipal Corporation Commissioner Shivam Varma) ने स्वच्छताकर्मियों से चर्चा की तथा उनसे पूछा क्या उनका वेतन आ गया है?तथा डब्ल्यूएचओ को भी निर्देशित किया कि सभी का हाजरीपत्रक समय पर भेजें जिससे समय पर सभी का वेतन उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही अन्य बिंदुओं को लेकर भी स्वच्छताकर्मियों से चर्चा की तथा उन्हें अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के मौके पर कमिश्नर के साथ अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव नोडल अधिकारी एसबीएम केशव सिंह चौहान सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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