शिवराज सरकार की इस योजना से दो लाख से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

शिवराज सरकार की इस योजना से दो लाख से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

पूरे देश सहित मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh) में कोरोना(Corona) संक्रमणकाल प्रवासी श्रमिकों के लिए एक विपदा का समय रहा है। इस महामारी के वक्त में प्रवासी श्रमिकों को सबसे ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ी है। दूसरे राज्य में फंसे श्रमिक पैदल अपने गृह नगर तक पहुंच रहे थे। इसी बीच दूसरे राज्य से मध्यप्रदेश लौटे करीबन 2 लाख प्रवासी श्रमिकों को शिवराज सरकार ने “रोजगार सेतु पोर्टल” के माध्यम से रोजगार दिया है। श्रमिकों में 1 लाख 94000 श्रमिकों को मनरेगा वहीं 38 हज़ार 906 प्रवासी मजदूरों को निजी संस्थानों में रोजगार दिया गया है।

दरअसल श्रम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के बाद प्रदेश में करीब 17 लाख श्रमिक वापस लौटे थे। जिसके बाद राज्य शासन ने इन प्रवासी श्रमिकों के सर्वे करवाकर इनके लिए रोजगार सेतु पोर्टल का निर्माण किया था। रोजगार सेतु पोर्टल में कुल 7 लाख 30 हजार श्रमिक और एक 30 हजार नियोक्ता पंजीकृत है। जिनमें से 38 हजार प्रवासी मजदूरों को निजी संस्थानों ने अपने यहां रोजगार दिया है। वही 3 लाख 50 हजार प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत जॉब कार्ड भी बनवाए गए थे। जबकि सरकार की सबसे प्रमुख संबल योजना के तहत 3 लाख व्यक्तियों का पंजीयन किया गया था।

बता दे कि देश में लगे लॉकडाउन के बीच अन्य शहरों में फंसे प्रवासी मजदूर वापस अपने अपने राज्य लौट रहे थे। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण की वजह से उनके आर्थिक स्थिति पर इसका खासा प्रभाव पड़ा था। इसी बीच मध्य प्रदेश में अन्य प्रदेशों से कुल 17 लाख श्रमिक वापस लौटे थे। जिनमें अब तक कुल दो लाख से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों को रोजगार सेतु पोर्टल के माध्यम से रोजगार दिया जा चुका है। वही कई ऐसे भी हैं जो सरकार की राष्ट्रीय खाद सुरक्षा कानून के तहत खाद्यान्न के पात्र बने हुए हैं।

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