युवक कांग्रेस ने गाया “…सबको सन्मति दे भगवान”,कहा केंद्र सरकार अब रीड़ को तोड़ना चाहती है

युवक कांग्रेस ने गाया “…सबको सन्मति दे भगवान”,कहा केंद्र सरकार अब रीड़ को तोड़ना चाहती है

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। तीन कृषि कानूनों (Agricultural laws) के खिलाफ पिछले चालीस दिनों से धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में आज युवा कांग्रेस (Youth congress) ने ग्वालियर में गांधी जी की प्रतिमा के नीचे बैठकर भजन कीर्तन किया और बापू का प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम, ईश्वर अल्ला तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान” गाया। धरने का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ने मितेंद्र दर्शन सिंह (Mitendra Darshan Singh) ने कहा कि मोदी सरकार (Modi government) ने पहले व्यापारी को तोड़ा, फिर जनता को और अब देश की रीड़ को तोड़ना चाहती है। धरने में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।

ग्वालियर के फूलबाग उद्यान में सोमवार को युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं राजस्थान के प्रभारी मितेंद्र दर्शन सिंह के नेतृत्व में एक धरने का आयोजन किया गया। धरने में भजन कीर्तन गाए गए। धरने में ग्वालियर जिले के किसानों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। सबने बापू का प्रिय भजन ” रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम, ईश्वर अल्ला तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” गाया।

धरने का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मितेंद्र दर्शन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला। युवा नेता ने कहा कि मोदी सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिससे देश में त्राहि त्राहि मची है। सरकार ने पहले जीएसटी (GST) लागू कर व्यापारियों को तोड़ा, फिर नोटबंदी (Demonetisation) कर जनता को तोड़ा अब ये तीन काले कानून लाकर देश की रीड़ की हड्डी किसानों को तोड़ना चाहती है। मितेंद्र ने कहा कि हमारा अन्नदाता इस देश की रीड़ की हड्डी हैं किसान नहीं तो ये देश नहीं ये सब जानते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने (Rahul Gnadhi)घोषणा की है कि कांग्रेस अंतिम सांस तक किसानों के साथ है, और भाजपा को अपनी मनमानी नहीं करने देगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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