बैंक फरवरी 2026 की शुरुआत के साथ-साथ बैंकिंग सेक्टर में कई बदलाव होने वाले हैं। एचडीएफसी बैंक, एसबीआई समेत कई पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के बैंक नए नियम (Banking New Rules) लागू करने वाले हैं। इस सूची में क्रेडिट कार्ड से लेकर आईएमपीएस सर्विस शुल्क शामिल हैं। जिसकी जानकारी खाताधारकों को होनी चाहिए।
1 फरवरी से एचडीएफसी बैंक ने अपने इंफिनिया मेटल क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडेम्शन में बदलाव करने जा रहा है। ग्राहक हर महीने 5 बार रिवार्ड प्वाइंट्स को रिडीम कर सकते हैं। रिवार्ड प्वाइंट अर्जित करने के तरीके में और कोई बदलाव नहीं किया गया है। खर्च किए गए प्रत्येक 150 रुपये पर पांच रिपोर्ट पॉइंट्स अर्जित करने की सुविधा ग्राहकों को मिलेगी। स्मार्ट बाय प्लेटफार्म के माध्यम से खर्च करने पर योग्य लेनदेन पर मानक पॉइंट से 10 गुना तक पॉइंट्स अर्जित किया जा सकता है।
आईसीआईसीआई बैंक की ये सर्विस होगी बंद
आईसीआईसीआई बैंक बुकमाय शो के जरिए मिलने वाले कंप्लीमेंट्री मूवी बेनिफिट की सुविधा 1 फरवरी से बंद करने जा रहा है। हालांकि यह बदलाव केवल कुछ चुनिंदा क्रेडिट कार्ड पर ही लागू होगा। रिवार्ड्स क्रेडिट कार्ड के प्रकार और एमसीसीसी पर निर्भर करेगा। रिवार्ड्स अर्जित करने के लिए कुछ क्रेडिट कार्ड के लिए न्यूनतम खर्च की सीमा 10 हजार रुपये तो कुछ के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह तय किया गया है।
बंधन बैंक के नए नियम
प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक ने लाखों खाताधारकों को राहत दी है। स्टैन्डर्ड सेविंग अकाउंट से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) को घटाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। पहले एमएबी 5,000 रुपये था। यह बदलाव 1 फरवरी 2026 से लागू होगा।
फरवरी में ये बैंकिंग नियम भी लागू होंगे
- स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया आइएमपीएस ट्रांजेक्शन के सर्विस चार्ज में बदलाव करने जा रहा है। ऑनलाइन चैनल के जरिए 25,000 रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन पर शुल्क का भुगतान करना होगा। 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये से अधिक तक के लेनदेन के लिए शुल्क 2 रुपये प्लस जीएसटी है। 2 लाख रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर 10 रुपये प्लस जीएसटी शुल्क का भुगतान करना होगा।
- पंजाब नेशनल बैंक में खाताधारकों के लिए अलर्ट जारी किया है। जिन ग्राहकों की केवाईसी 31 दिसंबर 2025 तक ड्यू है, उन्हें 2 फरवरी 2026 तक इसे अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर लेनदेन में परेशानी हो सकती है।





