Digital Currency: RBI का बड़ा प्लान, ऑफलाइन उपलब्ध होगा डिजिटल करेंसी, नहीं पड़ेगी इंटरनेट की जरूरत

आरबीआई गवर्नर ने कहा, "कैश की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि यह ऑफलाइन काम करता है। हम सीबीडीसी को ऑफलाइन मोड में ट्रांसफरेबल बनाने पर काम कर रहे हैं।"
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Digital Currency: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने थोक और खुदरा कैटेगरी के लिए वर्ष 2022 में डिजिटल करेंसी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया है। अब आरबीआई ने ई-रुपये को लेकर बड़ी योजना बना रहा है। जल्द ही डिजिटल करेंसी ऑफलाइन मोड में उपलब्ध हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट पर निर्भर नहीं होना होगा। इस बात की जानकारी खुद केन्द्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने दी है।

स्विट्ज़रलैंड में आयोजित बीआईएस इनोवैशन समिट 2024 ईवेंट में आरबीआई गवर्नर ने कहा, “कैश की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि यह ऑफलाइन काम करता है। हम सीबीडीसी को ऑफलाइन मोड में ट्रांसफरेबल बनाने पर काम कर रहे हैं।”

e-Rupee ला सकता है बदलाव

इसके अलावा दास ने ई-रूपी की प्रशंसा भी कि। उन्होनें कहा, “e-Rupee में परिवर्तनकारी क्षमता है और इसमें भुगतान के डिजिटलीकरण की काफी गुंजाइश है।”  आगे उन्होनें कहा, “प्रतिभूति टोकन सुविधाओं के साथ-साथ कमर्शियल पेपर और जमा प्रमाणपत्र जैसे अन्य उपकरणों को भी पायलट प्रोजेक्ट में आजमाया जाएगा।

प्राइवेट डिजिटल करेंसी खतरनाक

आरबीआई गवर्नर ने प्राइवेट डिजिटल करेंसी के खतरे पर भी प्रकाश डाला। उन्होनें कहा, “CBDC सुरक्षित विकल्प बन सकता है।

डिजिटल करेंसी पायलट पर आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा?

दास ने कहा, “आरबीआई ने डिजाइन, टेक्नोलॉजी और यूजर्स व्यवहार जैसे विभिन्न पहलुओं पर दो पायलटों के महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त की है। ये अंतर्दृष्टि सीबीडीसी सिस्टम की स्केलेबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और अस्थिरता की सुविधा प्रदान कर रही है।” उन्होनें आगे कहा, “पायलट यूपीआई के साथ-साथ सीबीडीसी की स्थिति जैसे सूचित फैसले लेने में भी सक्षम बनाता है।

भारत में हुआ डिजिटल करेंसी का विस्तार

आरबीआई गवर्नर शक्तिकान्त के मुताबिक भारत केन्द्रीय बैंक द्वारा समर्थित डिजिटल मुद्रा के साथ प्रयोग करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भले ही विक्षित देश सावधानी से आगे बढ़ रहे हों। भारत में पायलट आधार पर अपनी डिजिटल मुद्रा के इस्तेमाल का विस्तार किया। कम से कम 1.3 मिलियन ग्राहक और 300,000 व्यापार इसका यूज कर रहे हैं। देश में सीबीडीसी का उपयोग प्रतिदिन 1 मिलीं तक पहुँच गया है, लेकिन लोग अभी भी तत्काल मोबाइल पेमेंट मोड का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।

Manisha Kumari Pandey
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