Hindi News

HDFC बैंक की बड़ी घोषणा, नई सुविधा शुरू, करोड़ों ग्राहकों को होगा लाभ, यहाँ जानें डिटेल

Published:
एचडीएफसी बैंक को सरकार ने SCSS के लिए एजेंसी बैंक बनाया है। अब ग्राहक बिना परेशानी योजना के लिए खाता खुलवा पाएंगे। आइए जानें यह स्कीम खास क्यों हैं?
HDFC बैंक की बड़ी घोषणा, नई सुविधा शुरू, करोड़ों ग्राहकों को होगा लाभ, यहाँ जानें डिटेल

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने सरकार से साथ मिलकर नई सुविधा शुरू की है। जी हाँ अब एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के ग्राहक आसानी ने सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में पैसे जमा कर पाएंगे। बैंक ने इस सरकारी स्कीम के तहत डिपॉजिट स्वीकार करने की घोषणा कर दी है।

इस संबंध में बैंक ने कहा, “हम केंद्र सरकार ने लिए एक एजेंसी बैंक की तरह काम करेंगे। ग्राहकों को बिना किसी समस्या सुविधा प्रदान करेंगे। वरिष्ठ नागरिक SCSS के लिए किसी भी बैंक ब्रांच में जाकर आवेदन कर सकते हैं।” जानकारी के लिए अब देश के 26 बैंक इस योजना के लिए एजेंसी बैंक के रूप में काम करेंगे। बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक इत्यादि इस लिस्ट में शामिल हैं।

क्यों खास है यह स्कीम?

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम एक छोटी बचत योजना है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद इनकम सुनिश्चित करना है। वर्तमान में इसमें निवेश करने पर सलाना 8.2% ब्याज मिलता है। दरें 31 मार्च तक प्रभावी हैं। इतना ही नहीं ताज एक्ट की धारा 80सी के तहत 1.50 लाख रुपये तक टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसका लॉक इन पीरियड 5 साल का होता है। 3 साल के लिए एक्स्टेन्ड भी किया जा सकता है।

कौन उठा सकता है लाभ?

एससीएसएस में 60 साल या इससे अधिक आयु आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है। हालांकि रिटायर हुए असैन्य कर्मचारी को 5 वर्ष और डिफेंस सर्विस वालों 10 वर्ष की छूट न्यूनतम आयु सीमा में मिलती है। सरकार हर तीन महीने में योजना के ब्याज दरों में बदलाव करती हैं। 1 अप्रैल को दरों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews