बैंक की छुट्टियां 2024 : फटाफट निपटा लें जरूरी काम, 14 से 28 जुलाई के बीच इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, बैंकिंग संबंधित काम होंगे प्रभावित!

आमतौर पर भारत में बैंक में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार, प्रत्‍येक रव‍िवार और सार्वजन‍िक अवकाश वाले द‍िन बंद रहते हैं। हालांकि हर राज्‍य की क्षेत्रीय छुट्टियां अलग-अलग होती हैं, इस दौरान बैंक बंद रहते है। हालांकि ऑनलाइन सेवाएं जारी रहती है।
bank holiday 2026

July Bank Holiday 2024 : बैंक यूजर्स के लिए जरूरी खबर है। अगर बैंक संबंधित कोई भी काम है तो जल्द निपटा लें क्योंकि 14 से 28 जुलाई के बीच कई दिन बैंक बंद रहने वाले है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी छुट्टियों की लिस्ट के अनुसार, आगामी दिनों में चौथा शनिवार, मुहर्रम , गुरु हरगोविंद जी की जयंती जैसे त्‍योहारों के साथ साप्ताहिक अवकाश के चलते बैंक बंद रहने वाले है।बैंक बंद रहने के चलते चेकबुक और पासबुक समेत कई काम प्रभावित हो सकते है, हालांकि ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी, जिनका आप उपयोग कर सकते है।

जुलाई में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक

  • 14 जुलाई को रविवार का साप्ताहिक अवकाश
  • 16 जुलाई 2024 मंगलवार को देहरादून में हरेला पर्व के कारण बैंक बंद
  • 17 जुलाई को मुहर्रम के अवसर पर बैंकों में अवकाश
  • 21 जुलाई को रविवार का साप्ताहिक अवकाश
  • 27 जुलाई को महीने का चौथे शनिवार
  • 28 जुलाई को रविवार का साप्ताहिक

इन ऑनलाइन सेवाओं की ले सकते है हेल्प

  • बैंक की छुट्टियों के दौरान कस्टमर्स ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर सकते है, क्योंकि यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) जैसी डिजिटल सेवाओं (Digital Banking) पर बैंक हॉलीडे का कोई असर नहीं होता है।
  • यूजर्स UPI के द्वारा पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। कैश विड्रॉल के लिए आप एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • नेट बैंकिंग (Net Banking), एटीएम (ATM), डिजिटल पेमेंट के जरिए भी अपने काम कर सकते हैं।
  • बैंक बंद होने के बावजूद भी ग्राहक आसानी से क्रेडिट (Credit Card) और डेबिट कार्ड (Debit Card) से भी पेमेंट कर सकते हैं।
  • पैसों को आप एक खाते से दूसरे खाते में नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के जरिए ट्रांसफर कर सकते हैं।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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