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अब KYC अपडेट करना होगा आसान, नियमों में बड़ा बदलाव, RBI ने रखा प्रस्ताव, ड्राफ्ट सर्कुलर जारी, यहाँ जानें डिटेल 

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आरबीआई ने केवाईसी से जुड़े नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इससे अद्यतनीकरण की प्रक्रिया आसान होगी। ग्राहकों को लाभ होगा। आइए एक नजर नए नियमों पर डालें-
अब KYC अपडेट करना होगा आसान, नियमों में बड़ा बदलाव, RBI ने रखा प्रस्ताव, ड्राफ्ट सर्कुलर जारी, यहाँ जानें डिटेल 

ग्राहकों के हित में रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया कई बार केवाईसी के अपडेट या आवधिक अपडेट पर से संबंधित नियमों में कई बार संशोधन कर चुका है। एक बार फिर आरबीआई नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। जिसे लेकर केन्द्रीय बैंक की ओर से ड्राफ्ट सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसका उद्देश्य केवाईसी अपडेट की प्रक्रिया को पहले से भी आसान बनाना है।

दरअसल, आरबीआई ने KYC के आवधिक अपडेशन में बड़ी संख्या में लंबित मामलों को देखा है। इसमें डीबीटी/ईबीटी क्रेडिट के लिए खोले गए खाते भी शामिल हैं। जिन्हें छात्रवृति राशि या सरकारी योजनाओं के तहत खोला गया है। केंद्रीय बैंक को ग्राहकों द्वारा अपने केवाईसी की आवधिक अपडेशन में आने वाली चुनौतियों को लेकर कई शिकायतें मिली। इसलिए दिशा-निर्देशों में बदलाव का फैसला लिया गया है। ड्राफ्ट सर्कुलर पर फीडबैक या कॉमेंट के लिए पब्लिक को आमंत्रित किया है। यह सुविधा 6 जून 2025 तक उपलब्ध रहेगी।

इन मामलों में केवाईसी से लिए बीसी का इस्तेमाल होगा 

ड्राफ्ट सर्कुलर के मुताबिक केवाईसी विवरण में कोई बदलाव न  होने या केवल एड्रेस में बदलाव होने की स्थिति में कस्टमर्स से स्व-घोषणा प्राप्त की जानी चाहिए। बैंक अपने सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्व-घोषणा और सहायक दस्तावेज को रिकॉर्ड करने के लिए बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) को सक्षम कर सकते हैं। यदि इलेक्ट्रॉनिक मोड उपलब्ध नहीं है तो बीसी  स्व-घोषणा को प्रमाणित कर सकते हैं। फिर इसे बैंक को अग्रेषित भी कर सकते हैं। इसके अलावा बीसी ग्राहक को ऐसी घोषणा/दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण की प्राप्ति की पावती भी देगा। सिस्टम में जानकारी रिकॉर्ड होने की सूचना ग्राहकों को देगा।

इन बदलावों को भी जान लें (RBI New KYC Rules)

  • ग्राहक को आधार बायोमैट्रिक आधारित ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के माध्यम से फेस टू फेस मोड में शामिल किया जा सकता है। यदि ग्राहक यूआईदीएआई डेटाबेस में उपलब्ध पहचान जानकारी के अनुसार पते की अलग वर्तमान पता प्रदान करना चाहता है तो वह आरई को स्वघोषणा दे सकता है। इसके अलावा ऑनबोर्डिंग के लिए डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया की अनुमति भी होगी।
  • गैर-आमने-सामने मोड में ग्राहक की सहमति आधारित ऑनबोर्डिंग आधार ओटीपी केवाईसी प्रमाणीकरण का उपयोग भी अपडेट के लिए कर सकते हैं। कुछ शर्ते भी लागू होगी ऐसे खाते को सख्त निगरानी में रखा जाएगा।
  • अब ग्राहक विनियमित संस्थान/बैंक की किसी भी शाखा में बैंक केवाईसी रिकॉर्ड को अपडेट कर सकते हैं, जिसमें उनका खाता है।
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