Hindi News

मार्केट में सर्कुलेट होंगे 20 रुपये के नए नोट, RBI ने किया ऐलान, दिखेंगे ये बदलाव, जानें पुराने नोटों का क्या होगा?

Last Updated:
20 रुपये के नए नोट लॉन्च होने वाले हैं। आरबीआई ने घोषणा कर दी है। नोटिस जारी किया है। इससे पहले 5 नए बैंक नोट्स लॉन्च हो चुके हैं। आइए जानें ये पुराने वाले से कितना अलग होगा?
मार्केट में सर्कुलेट होंगे 20 रुपये के नए नोट, RBI ने किया ऐलान, दिखेंगे ये बदलाव, जानें पुराने नोटों का क्या होगा?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 20 रुपये के नए नोट का ऐलान कर दिया है। इन्हें जल्द ही पेश किया जाएगा। नागरिक लेनदेन के लिए इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। बता दें मौद्रिक प्रणाली में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए RBI हमेशा नए गवर्नर के हस्ताक्षर वाले करेंसी नोट जारी करता है। वर्तमान में पूर्व गवर्नर शक्तिकान्त दास और ऊर्जित पटेल के नोट मार्केट में देखते को मिलते हैं।

20 रुपये के नए नोटों में कुछ खास बदलाव नहीं होगा। डिजाइन पहले जैसी की होगी। इसमें केवल मौजूदा आरबीआई गवर्नर के सिग्नेचर होंगे, उन्होनें दिसंबर 2024 में कार्यभार संभाला था। इन करेंसी नोटों को महात्मा गांधी नई सीरीज के तहत लॉन्च किया जाएगा। वर्तमान में इस मूल्यवर्ग के दो अलग-अलग डिजाइन के नोट प्रचलन में है।

क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे?

नए करेंसी नोटों की घोषणा के बाद कई लोग चिंतित हैं। उन्हें लग रहा होगा कि नए नोट आने से पुराने वाले प्रचलन में नहीं रहेंगे। बल्कि ऐसा कुछ नहीं है। इस बात की पुष्टि केन्द्रीय बैंक ने खुद कर दी है। आरबीआई ने कहा, “भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए 20 रुपये मूल्यवर्ग के सभी नोट वैध मुद्रा रहेंगे।” मतलब आमजन अभी भी पहले जारी किए नोटों का इस्तेमाल लेनदेन के लिए कर सकते हैं। इन्हें बदलवाने की जरूरत भी नहीं है।

इस साल लॉन्च हुए कई नोट 

संजय मल्होत्रा द्वारा पदभार संभालने के बाद आरबीआई 6 नए बैंक नोटों की घोषणा अब तक कर चुका है। अप्रैल में 10 रुपये और 500 रुपये के नए नोट लॉन्च करने का ऐलान किया था। मार्च में 100 रुपये और 200 रुपये की नई करेंसी पेश करने की घोषणा की गई थी। वहीं फरवरी में 50 रुपये के नए नोट जारी करने से संबंधित नोटिफिकेशन जारी हुआ था। सभी  महात्मा गांधी सीरीज नई सीरीज का ही हिस्सा हैं।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews